नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने पर दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) के दो केंद्रीय लोक सूचना अधिकारियों (सीपीआईओ) पर कुल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों पर 15-15 हजार रुपये का दंड लगाते हुए उनके रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित अधिकारियों ने आरटीआई आवेदन के निस्तारण में गंभीर लापरवाही बरती और समयबद्ध तरीके से सूचना उपलब्ध कराने के अपने वैधानिक दायित्व का पालन नहीं किया। आयोग ने इसे आरटीआई अधिनियम की भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि सार्वजनिक प्राधिकरणों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
मामला एक अभ्यर्थी द्वारा भर्ती परीक्षा से संबंधित सूचना मांगे जाने से जुड़ा था। आयोग ने पाया कि सूचना उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी हुई और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के निर्देशों का भी समय पर पालन नहीं किया गया। आयोग ने अधिकारियों से इस लापरवाही का संतोषजनक स्पष्टीकरण भी नहीं मिलने पर आर्थिक दंड लगाने का फैसला किया।
सीआईसी ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूल की जाए। साथ ही बोर्ड को भविष्य में आरटीआई आवेदनों का समयबद्ध और विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक सुधार करने की सलाह भी दी गई।
आयोग ने अपने आदेश में दोहराया कि सूचना का अधिकार अधिनियम नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम उपलब्ध कराता है। ऐसे में सूचना देने में देरी या लापरवाही न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आवेदकों के अधिकार भी प्रभावित होते हैं। आयोग ने सभी लोक सूचना अधिकारियों से आरटीआई मामलों के प्रति अधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।





