देहरादून/कोटद्वार: भारतीय सेना द्वारा आयोजित भर्ती रैली के दौरान युवाओं ने अपना अदम्य साहस और शारीरिक दमखम प्रदर्शित किया। तड़के सुबह से ही भर्ती स्थल पर हजारों की संख्या में पहुंचे युवाओं की भीड़ ने सेना के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाया। भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण में आयोजित दौड़ (Running) में सफलता का परचम लहराने वाले अभ्यर्थियों के लिए अब ‘शारीरिक दक्षता परीक्षा’ (Physical Fitness Test) शुरू कर दी गई है। सेना के कड़े अनुशासन और मानकों के बीच हो रही इस परीक्षा में सफल होने के लिए अभ्यर्थी पसीना बहा रहे हैं। भर्ती स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी के साथ पारदर्शी तरीके से निगरानी की जा रही है।
मैदान पर कड़ा मुकाबला: दौड़ में दिखाया दम
भर्ती के पहले दिन से ही अभ्यर्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है:
- तड़के शुरू हुई प्रक्रिया: भर्ती प्रक्रिया सुबह 4:00 बजे से ही शुरू कर दी गई थी, जिसमें अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें दौड़ के लिए मैदान में उतारा गया।
- जोश और जुनून: “भारत माता की जय” के नारों के साथ युवाओं ने ट्रैक पर अपनी गति का प्रदर्शन किया। निर्धारित समय के भीतर दौड़ पूरी करने वाले युवाओं के चेहरों पर जीत की खुशी साफ देखी गई।
- सख्त मानक: सेना के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय और शारीरिक मानकों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी, केवल योग्यतम अभ्यर्थियों का ही चयन किया जाएगा।
शारीरिक दक्षता परीक्षा (PFT) के कड़े पड़ाव
दौड़ में सफल अभ्यर्थियों को अब अगले कठिन चरणों से गुजरना पड़ रहा है:
- बीम और चिन-अप्स: अभ्यर्थियों की ऊपरी शरीर की शक्ति जांचने के लिए उन्हें निर्धारित संख्या में बीम (Pull-ups) लगाने पड़ रहे हैं।
- 9 फीट का गड्ढा: साहस और कूदने की क्षमता के परीक्षण के लिए अभ्यर्थियों को 9 फीट के गड्ढे को सफलतापूर्वक पार करना अनिवार्य है।
- जिग-जैग बैलेंस: ऊबड़-खाबड़ और संकरे रास्तों पर संतुलन बनाए रखने की क्षमता की जांच ‘जिग-जैग बैलेंस’ टेस्ट के जरिए की जा रही है।
- ऊंचाई और सीने का माप: शारीरिक दक्षता के साथ-साथ अभ्यर्थियों की लंबाई और सीने के घेरे का सटीक माप लिया जा रहा है।
पारदर्शिता के लिए तकनीक का उपयोग
भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सेना ने विशेष इंतजाम किए हैं:
- बायोमेट्रिक सत्यापन: किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक मिलान किया जा रहा है।
- सीसीटीवी निगरानी: पूरे भर्ती ग्राउंड को सीसीटीवी कैमरों से कवर किया गया है ताकि पूरी प्रक्रिया पर बारीक नजर रखी जा सके।
- दलालों से सावधान: सेना के अधिकारियों ने भर्ती स्थल पर लाउडस्पीकर के जरिए चेतावनी दी है कि अभ्यर्थी दलालों के झांसे में न आएं, क्योंकि भर्ती पूरी तरह से मेरिट और कड़ी मेहनत पर आधारित है।
इस भर्ती रैली के माध्यम से चुने गए युवा देश सेवा के गौरवशाली सफर की शुरुआत करेंगे। दौड़ और शारीरिक दक्षता परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों को विस्तृत चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination) के लिए भेजा जाएगा। युवाओं के इस दमखम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश सेवा का जज्बा आज भी युवाओं की पहली पसंद बना हुआ है।





