हल्द्वानी: हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई उस भीषण हिंसा की यादें अभी धुंधली नहीं हुई हैं, जिसने पूरे शहर को दहला दिया था। लेकिन आज उसी स्थान पर शांति और सुरक्षा का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। जिस जगह पर उपद्रवियों ने थाने को आग के हवाले कर दिया था और पुलिस बल पर जानलेवा हमला किया था, अब उसी स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से लैस नया पुलिस स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। सरकार और प्रशासन का यह कदम न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने का प्रतीक है, बल्कि उन उपद्रवी तत्वों को एक कड़ा संदेश भी है जिन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया था।
हिंसा का वह काला दिन और विनाश
फरवरी 2024 में बनभूलपुरा में एक अवैध ढांचे को हटाने के दौरान भारी हिंसा भड़क उठी थी:
- थाने पर हमला: उग्र भीड़ ने बनभूलपुरा थाने को चारों तरफ से घेरकर पेट्रोल बमों से हमला किया था, जिससे पूरी इमारत और वहां खड़े दर्जनों वाहन जलकर खाक हो गए थे।
- पुलिसकर्मियों का साहस: उस दिन महिला पुलिसकर्मियों सहित कई जवानों ने जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी की थी। इस हिंसा में कई लोग हताहत हुए थे और करोड़ों की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ था।
उसी भूमि पर पुलिस चौकी से थाने तक का सफर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंसा के तुरंत बाद घोषणा की थी कि जिस स्थान पर हमला हुआ, वहीं पर एक भव्य थाना बनाया जाएगा:
- अतिक्रमण मुक्त भूमि का उपयोग: जिस जमीन को लेकर विवाद शुरू हुआ था और जहां से अतिक्रमण हटाया गया था, प्रशासन ने उसी स्थान का उपयोग जनहित और सुरक्षा के लिए करने का निर्णय लिया।
- तेजी से निर्माण: रिकॉर्ड समय में इस पुलिस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। यह नया स्टेशन अब आधुनिक सर्विलांस सिस्टम, मजबूत सुरक्षा घेरे और बेहतर संचार सुविधाओं से लैस है।
- सुरक्षा का नया ढांचा: इस नए थाने की स्थापना से बनभूलपुरा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी और पकड़ पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी।
क्षेत्र में शांति और विश्वास की बहाली
नया पुलिस स्टेशन केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में सामान्य स्थिति और जनता के विश्वास को बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है:
- निरंतर निगरानी: नए थाने के चालू होने से अब क्षेत्र की संकरी गलियों और संवेदनशील पॉकेट्स पर 24 घंटे नजर रखी जा सकेगी।
- जनता से संवाद: पुलिस प्रशासन का उद्देश्य अब सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए स्थानीय लोगों के साथ बेहतर तालमेल बिठाना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





