नई दिल्ली: भारत अपनी वायुसेना की मारक क्षमता को और अधिक घातक बनाने के लिए फ्रांस के साथ एक और महत्वपूर्ण रक्षा सौदे की तैयारी में है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल राफेल और तेजस लड़ाकू विमानों के लिए अत्याधुनिक ‘हैमर’ (HAMMER) मिसाइलों की नई खेप खरीदने पर सहमति बन सकती है। इस सिलसिले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जल्द ही अपने फ्रांसीसी समकक्ष के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करने वाले हैं। चीन और पाकिस्तान के साथ जारी सीमा तनाव के बीच इस मिसाइल का भारत के तरकश में शामिल होना सामरिक रूप से गेम-चेंजर माना जा रहा है।
क्या है HAMMER मिसाइल? इसकी ताकत और खासियत
हैमर (Highly Agile Modular Munition Extended Range) एक अत्यंत बहुमुखी और शक्तिशाली मिसाइल प्रणाली है:
- लंबी दूरी का प्रहार: यह मिसाइल बिना दुश्मन के रडार में आए लगभग 60 से 70 किलोमीटर की दूरी से सटीक हमला करने में सक्षम है।
- बंकर और ठिकानों का खात्मा: इसे विशेष रूप से ऊबड़-खाबड़ इलाकों और पहाड़ों में बने मजबूत बंकरों या आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- जीपीएस और लेजर गाइडेड: यह मिसाइल जीपीएस, इंफ्रारेड और लेजर गाइडेंस सिस्टम से लैस है, जो इसे खराब मौसम और अंधेरे में भी अचूक निशाना लगाने की शक्ति प्रदान करती है।
रक्षा मंत्री की वार्ता: रणनीतिक साझेदारी पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रस्तावित वार्ता केवल खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके गहरे मायने हैं:
- मेक इन इंडिया का विस्तार: चर्चा का एक बड़ा हिस्सा भारत में इन मिसाइलों के कुछ हिस्सों के निर्माण और तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) पर केंद्रित हो सकता है।
- तेजस की ताकत बढ़ाना: वायुसेना की योजना है कि हैमर मिसाइलों को स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (Tejas) के साथ भी इंटीग्रेट किया जाए, जिससे भारत की स्वदेशी मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
- त्वरित आपूर्ति (Fast-Track): पूर्वी लद्दाख में जारी स्थिति को देखते हुए भारत इस सौदे को जल्द से जल्द पूरा कर मिसाइलों की तत्काल डिलीवरी का आग्रह कर सकता है।
क्यों है यह डील भारत के लिए महत्वपूर्ण?
- चीन सीमा पर बढ़त: हिमालय के ऊंचे पहाड़ों पर स्थित दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने के लिए हैमर मिसाइल सबसे उपयुक्त हथियार है।
- वायुसेना का आधुनिकीकरण: बालाकोट जैसी एयरस्ट्राइक के बाद भारत ने अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता (Stand-off capability) को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है, और हैमर इसी कड़ी का हिस्सा है।
- फ्रांस के साथ मजबूत रिश्ते: राफेल विमानों की सफल तैनाती के बाद फ्रांस भारत का सबसे भरोसेमंद रक्षा साझेदार बनकर उभरा है।





