हल्द्वानी (27 मार्च, 2026): उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में रसोई गैस (LPG) सिलिंडर का संकट गहराता जा रहा है, जिससे आम जनता हाहाकार कर रही है। गुरुवार को प्रशासन के आला अधिकारियों ने गैस गोदामों से लेकर एजेंसियों तक का तूफानी दौरा किया और व्यवस्था का जायजा लिया, लेकिन धरातल पर स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा। सिटी मजिस्ट्रेट, कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के महाप्रबंधक और एसडीएम जैसे बड़े अफसरों की सक्रियता के बावजूद, सिलिंडर की होम डिलीवरी पूरी तरह चरमरा गई है। उपभोक्ता कड़ाके की ठंड और लंबी कतारों में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं, जिससे उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है।
अफसरों का ‘रियलिटी चेक’: शीशमहल गोदाम में धक्का-मुक्की के बाद पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट
गैस किल्लत की खबरों और शीशमहल स्थित गैस गोदाम में उपभोक्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की की घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया:
- सिटी मजिस्ट्रेट का दौरा: सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी स्वयं शीशमहल गैस गोदाम पहुंचे और स्थिति का मुआयना किया। उन्होंने गैस एजेंसी प्रबंधक से सिलिंडर की आवक (Supply) और वितरण (Distribution) की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान न किया जाए और वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
- केएमवीएन और एसडीएम की बैठक: उधर, सरस मार्केट स्थित इंडेन गैस एजेंसी में केएमवीएन के जीएम विजयनाथ शुक्ल और एसडीएम प्रमोद कुमार ने गैस एजेंसी संचालकों के साथ एक आपातकालीन बैठक ली। बैठक में सिलिंडर की कमी के कारणों और होम डिलीवरी को सुचारू बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।
धरातल पर हकीकत: होम डिलीवरी ठप, उपभोक्ता परेशान
अधिकारियों के निरीक्षण और आश्वासनों के बावजूद, आम जनता को कोई राहत नहीं मिल रही है:
- घंटों का इंतजार: शहर के विभिन्न हिस्सों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग सुबह से ही सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लग जाते हैं, लेकिन कई बार उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है।
- ब्लैक मार्केटिंग की आशंका: सिलिंडर की भारी किल्लत के बीच ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) की आशंका भी बढ़ गई है। कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर सिलिंडर ऑफर किए जा रहे हैं।
- घरेलू कामकाज प्रभावित: रसोई गैस न मिलने से लोगों का घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से गृहिणियों को खाना बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।




