Tuesday, February 24, 2026

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हल्द्वानी में बम की धमकी से हड़कंप: सुशीला तिवारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को उड़ाने की चेतावनी; दहशत के बीच कक्षाएं स्थगित

हल्द्वानी: कुमाऊं के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय और उससे संबद्ध राजकीय मेडिकल कॉलेज में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा संस्थान को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस सनसनीखेज सूचना के बाद अस्पताल परिसर और हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं के बीच दहशत फैल गई। सुरक्षा की दृष्टि से कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और भारी पुलिस बल ने पूरे परिसर को घेरे में ले लिया है।

धमकी और प्रशासनिक कार्रवाई

बम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुँच गए:

  • सर्च ऑपरेशन: पुलिस की टीम, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने अस्पताल के वार्डों, कॉलेज की प्रयोगशालाओं और छात्रवासों (हॉस्टल्स) की सघन तलाशी ली।
  • मरीजों में भय: अस्पताल में भर्ती सैकड़ों मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच इस खबर से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
  • कक्षाएं सस्पेंड: मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने सुरक्षा कारणों और जांच में बाधा न आए, इसके लिए कॉलेज में चल रही सभी शैक्षणिक गतिविधियों और कक्षाओं को फिलहाल रोकने के आदेश जारी किए हैं।

पुलिस की जांच और साइबर सेल की मदद

धमकी किस माध्यम से दी गई, इसकी गहराई से जांच की जा रही है:

  1. ईमेल या फोन कॉल की पड़ताल: प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पुलिस उस स्रोत का पता लगा रही है जिससे यह धमकी प्राप्त हुई है। साइबर सेल को अलर्ट पर रखा गया है ताकि संदेश भेजने वाले का आईपी एड्रेस या लोकेशन ट्रेस की जा सके।
  2. सीसीटीवी फुटेज: अस्पताल और कॉलेज के प्रवेश द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा सके।
  3. सुरक्षा घेरा सख्त: परिसर में आने-जाने वाले हर वाहन और व्यक्ति की कड़ाई से चेकिंग की जा रही है।

संस्थान की सुरक्षा पर सवाल

हल्द्वानी का यह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल न केवल स्थानीय बल्कि पूरे कुमाऊं और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए लाइफलाइन है:

  • सुरक्षा ऑडिट की मांग: इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और कॉलेज के कर्मचारियों ने संस्थान की स्थाई सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की मांग उठाई है।
  • पैनिक न करने की सलाह: पुलिस प्रशासन का कहना है कि शुरुआती जांच में यह किसी की शरारत भी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से किसी भी इनपुट को हल्के में नहीं लिया जा रहा है।

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