घर के बाहर खड़ी स्प्लेंडर गायब, दूसरी बाइक ले उड़ा चोर; सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, मुकदमे दर्ज करने में भी कई दिन का अंतर
हल्द्वानी। शहर में वाहन चोरों के हौसले बुलंद हैं। चोर कहीं घर के बाहर खड़ी बाइक पर हाथ साफ कर रहे हैं तो कहीं दिनदहाड़े दुकान के बाहर से मोटरसाइकिल लेकर फरार हो जा रहे हैं। बनभूलपुरा और हल्द्वानी क्षेत्र में बाइक चोरी के दो मामलों ने पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामले में घर के बाहर खड़ी बाइक रातोंरात गायब हो गई, जबकि दूसरे में दोपहर के समय दुकान के बाहर से बाइक चोरी होने की शिकायत है। हैरानी की बात यह है कि दोनों मामलों में शिकायत और मुकदमा दर्ज होने के बीच भी काफी अंतर रहा।
घर के बाहर खड़ी 80 हजार की बाइक चोरी
बनभूलपुरा क्षेत्र के इंद्रानगर में रहने वाले नाजिम ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पांच अक्टूबर की रात अपनी हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक घर के बाहर खड़ी की थी। छह अक्टूबर की सुबह बाइक गायब मिली। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर बनभूलपुरा कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच केी जा रही है
दिनदहाड़े दुकान के बाहर से बाइक ले उड़ा चोर
दूसरी घटना में आजाद नगर की लाइन नंबर-11 निवासी मोहसिन अली की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत सामने आई है। शिकायत के मुताबिक, एक अगस्त को उनके भाई वसीम अहमद ने बाइक ठंडी सड़क पर केटीएम शोरूम के पास दुकान के बाहर खड़ी की थी। दोपहर करीब दो बजे बाइक गायब हो गई।
पीड़ित के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में लाल टी-शर्ट पहने एक युवक बाइक को तिकोनिया चौराहे की ओर ले जाता दिखाई दिया। हालांकि, फुटेज में उसका चेहरा स्पष्ट नहीं होने की बात कही गई है। चोरी हुई बाइक का नंबर यूके 04 एके 4892 है।
इस मामले में पुलिस को तहरीर सोफी है पुलिस न मुकदमा दर्ज किया । सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की तलाश कर रही है।
सवाल: सड़कों पर निगरानी कहां है?
शहर में वाहन चोरी की घटनाएं आम लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। घर के बाहर खड़ा वाहन सुरक्षित नहीं और दुकान के बाहर खड़ी बाइक भी चोरों के निशाने पर है। ऐसे में पुलिस की गश्त, संदिग्धों की निगरानी और चोरी के वाहनों की बरामदगी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सवाल यह भी है कि सीसीटीवी में संदिग्ध दिखाई देने के बावजूद चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और वाहनों की बरामदगी में कितनी तेजी दिखाई जा रही है? पुलिस की सक्रियता का आकलन केवल मुकदमे दर्ज करने से नहीं, बल्कि चोरों तक पहुंचने और चोरी गए वाहनों को बरामद करने से होगा।
फिलहाल, दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गई बाइकों की बरामदगी के संबंध में अभी कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।





