हल्द्वानी: हल्द्वानी के सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार चारों मुख्य आरोपियों को आज कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने अदालत के समक्ष हत्या में प्रयुक्त सबसे अहम सबूत— ’10 किलो का वह पत्थर’ भी पेश किया, जिससे प्रहार कर दोनों पीड़ितों की बेरहमी से हत्या की गई थी। खून से सने इस भारी पत्थर को देख अदालत परिसर में भी सन्नाटा पसर गया। पुलिस की इस पुख्ता पैरवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
मामले का खुलासा: रंजिश और नशे के बीच खूनी खेल
पुलिस जांच में इस हत्याकांड की परतें खुलती जा रही हैं, जिसने पूरे हल्द्वानी को झकझोर कर रख दिया था:
- हत्या का तरीका: आरोपियों ने आपसी विवाद के बाद पीड़ितों को सुनसान जगह पर घेर लिया और पहले उन पर घातक हथियारों से हमला किया। अंत में, पहचान मिटाने और मौत सुनिश्चित करने के लिए भारी पत्थर से उनके सिर कुचल दिए गए।
- बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वह पत्थर बरामद किया था, जिस पर पीड़ितों के खून के निशान और बाल चिपके हुए थे। इसे एक महत्वपूर्ण ‘फॉरेंसिक साक्ष्य’ माना जा रहा है।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना पर घेराबंदी कर चारों आरोपियों को शहर छोड़ने से पहले ही दबोच लिया।
न्यायालय की कार्यवाही और पुलिस का पक्ष
कोर्ट रूम में अभियोजन पक्ष ने आरोपियों की कड़ी सजा की मांग करते हुए दलीलें पेश कीं:
- साक्ष्यों की प्रदर्शनी: पुलिस ने खून से सना पत्थर, आरोपियों के खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को कोर्ट के सामने रखा।
- रिमांड की मांग: पुलिस ने कुछ अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपियों की पूछताछ के लिए समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए।
- गवाहों की सुरक्षा: पुलिस ने इस मामले में चश्मदीदों और महत्वपूर्ण गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने का भी भरोसा दिया है।
इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
दोहरे हत्याकांड के बाद से ही हल्द्वानी के संबंधित क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है:
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: आरोपियों की पेशी के दौरान कोर्ट परिसर और पीड़ितों के मोहल्ले में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
- जनता का आक्रोश: स्थानीय निवासियों ने पुलिस से इस मामले में ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ में सुनवाई कर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग की है।





