हरिद्वार/रुड़की: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के दो सबसे महत्वपूर्ण शहरों, हरिद्वार और रुड़की के भविष्य को संवारने के लिए एक व्यापक रणनीतिक खाका तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन ‘दशक उत्तराखंड का’ के तहत, शहरी विकास विभाग ने इन दोनों शहरों के लिए ‘विस्तृत विकास योजना 2041’ को अंतिम रूप दे दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य हरिद्वार की आध्यात्मिक विरासत को संजोते हुए रुड़की के औद्योगिक और शैक्षणिक गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। इस नए खाके से न केवल अनियंत्रित शहरीकरण पर रोक लगेगी, बल्कि आने वाले 20 वर्षों की जनसंख्या और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।
भविष्य के खाके की मुख्य विशेषताएं: क्या बदलेगा?
नए मास्टर प्लान के तहत हरिद्वार और रुड़की को ‘ट्विन सिटी’ मॉडल के आधार पर विकसित करने की योजना है:
- व्यवस्थित यातायात और रिंग रोड: भारी वाहनों के दबाव को कम करने के लिए हरिद्वार और रुड़की के चारों ओर नए रिंग रोड और बाईपास का निर्माण किया जाएगा। इससे शहर के भीतर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
- लैंड यूज (भू-उपयोग) का स्पष्ट निर्धारण: कृषि, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्पष्ट सीमाएं तय की गई हैं। अब रिहायशी इलाकों के बीच अवैध फैक्ट्रियां या व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं खुल सकेंगे।
- नदी तटीय विकास (Riverfront Development): हरिद्वार में गंगा और रुड़की में गंगनहर के किनारों को पर्यटन और सौंदर्यीकरण की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। यहाँ वॉकिंग ट्रैक, पार्क और सेल्फी पॉइंट बनाए जाएंगे।
रुड़की: एजुकेशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकास
रुड़की के लिए इस योजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं:
- आईटीआई और आईआईटी का लाभ: रुड़की को एक प्रमुख ‘एजुकेशन हब’ के रूप में और अधिक सशक्त बनाया जाएगा, जहाँ शोध और स्टार्टअप के लिए विशेष जोन होंगे।
- लॉजिस्टिक्स हब: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से निकटता के कारण रुड़की के पास बड़े वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है।
- गंगनहर कॉरिडोर: गंगनहर के दोनों ओर की सड़कों को चौड़ा कर इसे एक मॉडल कॉरिडोर के रूप में तैयार किया जाएगा।
हरिद्वार: आध्यात्मिक पर्यटन और ‘स्मार्ट कुंभ’ क्षेत्र
धार्मिक नगरी हरिद्वार के लिए सरकार का फोकस सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर है:
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: हरिद्वार को स्मार्ट सिटी मिशन से जोड़कर पूरी बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा और कूड़ा प्रबंधन के लिए आधुनिक प्लांट लगाए जाएंगे।
- पार्किंग का जाल: तीर्थयात्रियों की संख्या को देखते हुए शहर के प्रवेश द्वारों पर बड़ी मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएंगी।
- ग्रीन बेल्ट: शहर के बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए ‘ग्रीन बफर जोन’ विकसित किए जाएंगे।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
शहरी विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस मास्टर प्लान के लागू होने से निवेश के नए रास्ते खुलेंगे:
- नए रोजगार: औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- रियल एस्टेट में पारदर्शिता: मास्टर प्लान के कारण अब जमीनों की खरीद-फरोख्त और नक्शा पास कराने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी, जिससे आम जनता भू-माफियाओं के चंगुल से बच सकेगी।





