देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी हरिद्वार कुंभ मेले को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आगामी महाकुंभ को ‘दिव्य, भव्य और सुरक्षित’ बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस महाआयोजन की तैयारियों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 500 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक सहायता राशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट कुंभ क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
बुनियादी ढांचे का कायाकल्प: पक्के घाटों और सड़कों का होगा जाल
केंद्र से मिली 500 करोड़ रुपये की इस भारी-भरकम राशि का उपयोग कुंभ क्षेत्र के विकास के लिए किया जाएगा:
- घाटों का सुधारीकरण: हरिद्वार और ऋषिकेश के प्रमुख गंगा घाटों का विस्तार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा ताकि लाखों श्रद्धालु एक साथ सुरक्षित स्नान कर सकें।
- सड़क एवं पुल निर्माण: कुंभ क्षेत्र की ओर आने वाली सभी संपर्क सड़कों को चौड़ा किया जाएगा और भीड़ नियंत्रण के लिए नए पुलों व ‘फ्लाईओवरों’ का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा।
- अस्थाई पुल और टेंट सिटी: कुंभ के दौरान उमड़ने वाली भीड़ के लिए अत्याधुनिक ‘टेंट सिटी’ और गंगा जी पर अस्थाई पीपा पुलों का निर्माण किया जाएगा।
सीएम धामी का विजन: ‘अतिथि देवो भव’ और आधुनिक तकनीक
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- डिजिटल कुंभ: मेले की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक और एआई (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सहायता के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।
- स्वच्छता और पर्यावरण: कुंभ को ‘प्लास्टिक मुक्त’ बनाने और गंगा की अविरलता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-दुनिया से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है।
आर्थिकी को मिलेगा बढ़ावा: स्थानीय पर्यटन में उछाल
कुंभ मेले की इन तैयारियों से उत्तराखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है:
- रोजगार के अवसर: निर्माण कार्यों और सेवा क्षेत्र में हजारों स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
- वैश्विक ब्रांडिंग: दिव्य और भव्य कुंभ के माध्यम से उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सुरक्षित और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में मजबूती से स्थापित किया जाएगा।





