देहरादून। देवभूमि को स्वच्छ और सुंदर बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को राजधानी देहरादून की सड़कों पर उतरे। नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” अभियान के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने बल्लूपुर चौक पर स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया और स्पष्ट किया कि जनभागीदारी के बिना कोई भी बड़ा बदलाव संभव नहीं है।
सप्ताह भर चला विशेष सफाई अभियान
नगर निगम, देहरादून द्वारा 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष स्वच्छता सप्ताह का मुख्य उद्देश्य शहर को कूड़ा मुक्त और स्वास्थ्य के अनुकूल बनाना था।
- अभियान का दायरा: इस एक सप्ताह के भीतर शहर के विभिन्न वार्डों में गहन सफाई अभियान, कूड़ा निस्तारण और जन-जागरूकता के कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
- सीएम की भागीदारी: अभियान के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने स्वयं फावड़ा और झाड़ू थामकर कूड़ा हटाया, जिसे देखकर वहां मौजूद आम नागरिक और स्वयंसेवक भी उत्साहित नजर आए।
स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं: मुख्यमंत्री
सफाई अभियान के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने स्वच्छता के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण साझा किया।
- जनभागीदारी की अपील: मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी तंत्र या नगर निगम के प्रयासों से संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा, तब तक हम स्थायी स्वच्छता का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते।
- संस्कार बने स्वच्छता: सीएम ने संदेश दिया कि “स्वेच्छा से स्वच्छता” केवल एक नारा नहीं बल्कि हमारा संस्कार होना चाहिए। हमें कूड़े को इधर-उधर न फेंककर डस्टबिन का उपयोग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।
नगर निगम के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने इस सफल अभियान के आयोजन के लिए नगर निगम की टीम की पीठ थपथपाई।
- सकारात्मक बदलाव: सीएम ने कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे अभियान केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रहें, बल्कि इन्हें नियमित अंतराल पर चलाया जाए ताकि जनता में जागरूकता का स्तर बना रहे।
- सुंदर देहरादून का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि देहरादून की जनता इसी तरह प्रशासन का साथ देती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब दून नगरी देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों की सूची में शीर्ष पर होगी।





