देहरादून। उत्तराखंड में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। परिवहन निगम अब स्मार्ट ई-बसों का बेड़ा बढ़ाकर उन्हें चुनिंदा रूटों पर चलाने की तैयारी में है। इसके तहत यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर उपलब्ध कराने के साथ-साथ निगम का राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
परिवहन निगम बढ़ाएगा ई–बसों का संचालन
निगम अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट ई-बसें फिलहाल शहर के कुछ मुख्य मार्गों पर चल रही हैं, जिनसे यात्रियों को सकारात्मक अनुभव मिला है। अब इन्हें उन रूटों पर संचालित करने की योजना तैयार की जा रही है, जहाँ यात्रियों की संख्या अधिक रहती है और बसों की मांग लगातार बनी रहती है। इससे ई-बसों की उपयोगिता बढ़ेगी और निगम को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी।
इन रूटों पर बढ़ सकता है ई–बसों का आवागमन
सूत्रों के अनुसार ई-बसों का संचालन देहरादून शहर के व्यस्त रूटों जैसे ISBT–घंटाघर, घंटाघर–राजपुर रोड, रायपुर–घंटाघर, प्रेमनगर–सहारनपुर चौक और विश्वविद्यालय मार्ग पर बढ़ाए जाने की संभावना है। साथ ही कुछ नई कॉलोनियों और उपनगरों को भी स्मार्ट बस सेवा से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
परिवहन निगम का मानना है कि इन मार्गों पर यात्रियों की भारी आवाजाही ई-बसों के संचालन को लाभकारी बनाएगी।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएँ
स्मार्ट ई-बसें एसी सुविधा, जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, आरामदायक सीटिंग और ऑटोमेटिक दरवाजों जैसी आधुनिक तकनीक से लैस हैं। कई बसों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और रीयल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे यात्रियों की सुरक्षा और यात्रा अनुभव दोनों बेहतर होंगे।
पर्यावरणविदों का कहना है कि बैटरी संचालित स्मार्ट बसों के माध्यम से शहर में प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
राजस्व बढ़ाने की रणनीति
परिवहन निगम के अधिकारियों ने बताया कि पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में ई-बसों का संचालन कम खर्चीला है। बिजली आधारित संचालन से ईंधन के खर्च में भारी कमी आती है, जिससे निगम के वित्तीय बोझ में राहत मिलती है।
इसी को देखते हुए निगम ने ई-बसों की संख्या बढ़ाकर उन्हें हाई-डिमांड रूटों पर लगाने का निर्णय लिया है, ताकि संचालन से अधिक राजस्व प्राप्त किया जा सके।
पर्यावरण और यात्रा सुविधा दोनों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार की नीति है कि आने वाले वर्षों में सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह हरित और टिकाऊ बनाया जाए। स्मार्ट ई-बसों का विस्तार इस दिशा में बड़ी पहल मानी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही नए रूटों की अंतिम सूची जारी कर ई-बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
इस कदम से न केवल यात्रियों को आधुनिक, शांत और प्रदूषण रहित बसों में सफर का आनंद मिलेगा, बल्कि परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति भी सुधरने की उम्मीद है।





