उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम यात्रा पर सीमित संख्या में यात्रियों को भेजे जाने के निर्णय से शुक्रवार सुबह हीना पंजीकरण जांच केंद्र पर हालात बिगड़ गए। बड़ी संख्या में पहुँचे तीर्थयात्री और स्थानीय लोग जब केवल 500 यात्रियों को धाम भेजने की जानकारी पर भड़क उठे, तो यहाँ तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हंगामे के बाद प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और अंततः 1100 से अधिक यात्रियों को धाम के लिए रवाना किया गया।
धराली आपदा के बाद सीमित संख्या
धराली आपदा के बाद मंगलवार से गंगोत्री यात्रा टैक्सी वाहनों के जरिए पुनः शुरू की गई थी। सुरक्षा कारणों से प्रतिदिन केवल 500 से 570 यात्रियों को ही धाम भेजा जा रहा था। लेकिन तीर्थयात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिससे असंतोष गहराने लगा।
सुबह ही भड़के यात्री
शुक्रवार सुबह करीब 5–5:30 बजे गुजरात और दक्षिण भारत से आए तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में हीना जांच केंद्र पहुँचे। जब उन्हें सीमित संख्या की जानकारी मिली तो वे नाराज़ हो गए और जमकर विरोध जताया। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने अनुमति बढ़ाने की माँग पर अड़ गए।
समझौते से निकला हल
स्थिति बिगड़ने पर पंजीकरण केंद्र संभाल रही कंपनी और प्रशासन ने अतिरिक्त यात्रियों को भी अनुमति देने का निर्णय लिया। इसके बाद दिन तक 1100 से अधिक यात्री वाहनों के साथ गंगोत्री धाम रवाना किए गए। तब जाकर यात्रियों और स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
केंद्र पर तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि सुबह हालात तनावपूर्ण हो गए थे, इसलिए विवश होकर अनुमति बढ़ानी पड़ी। हालांकि, उपलब्ध टैक्सी वाहन खाली हो जाने के कारण शेष यात्री अब अगले दिन ही रवाना हो पाएंगे।
चार दिन में पहुंचे 2398 यात्री
दूसरे चरण की गंगोत्री यात्रा मंगलवार से शुरू हुई है। चार दिनों में अब तक 2398 तीर्थयात्री धाम पहुँच चुके हैं।
- मंगलवार: 173 यात्री
- बुधवार: 567 यात्री
- गुरुवार: 639 यात्री
- शुक्रवार: 1019 यात्री





