देहरादून: उत्तराखंड में पर्यटन और सीमाई इलाकों के विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिमखिम और बाराहोती में सीमा दर्शन केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। यह घोषणा रविवार को निति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के दौरान की गई, जिसमें राज्य भर से एथलीट और पर्वतारोहियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमा दर्शन केंद्रों के माध्यम से न केवल राज्य की सुंदरता और प्राकृतिक धरोहर को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा, बल्कि सीमा सुरक्षा और सैनिकों के योगदान के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि केंद्रों में सुविधाओं, आवास और पर्यटक मार्गदर्शन की सुविधा होगी, जिससे सीमाई पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार पर्यटन के साथ-साथ सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। सीमा दर्शन केंद्रों की स्थापना से क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वहां की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
निति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के आयोजन में हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से युवा ऊर्जा और साहस को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने एथलीट्स को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और उत्साह राज्य और देश के लिए प्रेरणादायक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिमखिम और बाराहोती जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में सीमा दर्शन केंद्रों का निर्माण न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक जीवन शैली को भी संरक्षित करने में मदद करेगा।
सीमा दर्शन केंद्रों की योजना में पर्यटकों के लिए सुरक्षित रास्ते, प्राथमिक चिकित्सा, रेस्ट हाउस और सूचना केंद्र जैसी सुविधाओं का समावेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन केंद्रों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और अगले दो वर्षों के भीतर ये केंद्र पूरी तरह से कार्यरत हो जाएंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि पर्यटन और सुरक्षा को जोड़कर सीमाई क्षेत्रों में नई पहचान बनाने से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि युवाओं में साहस और देशभक्ति की भावना भी मजबूत होगी।





