अल्मोड़ा, 2 सितंबर। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के हवालबाग स्थित बोशी सेन सभागार में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिसुसिटेशन) और पैलिएटिव केयर को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, अल्मोड़ा की पहल पर हुए कार्यक्रम में संस्थान के कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अल्मोड़ा के निश्चेतना विभाग की प्राध्यापक एवं अध्यक्ष डॉ. उर्मिला पलारिया के नेतृत्व में चिकित्सकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने कर्मचारियों को आपात स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने सीपीआर की उपयोगिता के साथ पैलिएटिव केयर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।
सैद्धांतिक जानकारी देने के बाद कर्मचारियों को सीपीआर की व्यावहारिक ट्रेनिंग भी दी गई। चिकित्सकों के मार्गदर्शन में कर्मचारियों ने स्वयं सीपीआर देने का अभ्यास किया और सही तकनीक को समझा। प्रशिक्षण का उद्देश्य आपात स्थिति में शुरुआती स्तर पर प्रभावी सहायता देने के लिए कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ाना रहा।
संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने कहा कि प्रशिक्षण से कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की जानकारी के साथ आत्मविश्वास भी मिला है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण संस्थान के प्रत्येक कर्मचारी के लिए उपयोगी और लाभकारी साबित होंगे।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ दल के सदस्य डॉ. कौशल पांडे, डॉ. कर्णजोत कौर, डॉ. अनुराधा, डॉ. जैद और ओटी तकनीशियन सोनू अधिकारी मौजूद रहे।





