इंटरनेट से अश्लील सामग्री डाउनलोड करने का आरोप, बच्चे के शोषण और वीडियो अपलोड करने के मामले में पॉक्सो के तहत मुकदमा
हल्द्वानी। इंटरनेट पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री की पड़ताल करते हुए नैनीताल पुलिस एक गंभीर मामले तक पहुंची है। साइबर टिपलाइन से मिली 11 शिकायतों के आधार पर शुरू हुई जांच में पुलिस ने डिजिटल उपकरणों से आपत्तिजनक फोटो-वीडियो और सामग्री खोजने व डाउनलोड करने से जुड़ी हिस्ट्री मिलने का दावा किया है। आरोप है कि एक किशोर ने इंटरनेट से ऐसी सामग्री डाउनलोड करने के बाद पड़ोस में रहने वाले बच्चे को दिखाई, उसका यौन शोषण किया और वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय पीड़ित और आरोपी दोनों नाबालिग थे। मामले में हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
मोबाइल से लैपटॉप तक खंगाले डिजिटल साक्ष्य
पुलिस ने आरोपी की पहचान कर घटना से संबंधित दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप और मोबाइल का एक खाली बॉक्स बरामद किया। पुलिस के अनुसार, जब्त उपकरणों की जांच में बाल यौन शोषण से संबंधित आपत्तिजनक फोटो-वीडियो तथा अश्लील सामग्री को खोजने और डाउनलोड करने के डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इन उपकरणों की जांच मामले की विवेचना का अहम हिस्सा है।
पॉक्सो और आईटी एक्ट में मुकदमा
मामले में पॉक्सो में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़ित बच्चे और उसके परिजनों की काउंसलिंग भी कराई है। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
कार्रवाई करने वाली टीम में काठगोदाम प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह चौहान, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक मोहन सिंह सौन, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेंद्र कुमार और साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक मीनू गौतम सहित एसओजी व पुलिस के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला: पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी प्रकाशित करने से बचना जरूरी है। पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।





