Top 5 This Week

Related Posts

सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर पीएम मोदी सख्त, पूछा- क्या अब फोर्थ पार्टी ऑडिट की जरूरत?

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को कड़ी नसीहत दी है। मंगलवार को हुई 53वीं प्रगति बैठक में उन्होंने केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल किया कि जब थर्ड पार्टी ऑडिट के बावजूद परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, तो क्या अब ‘फोर्थ पार्टी ऑडिट’ की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में प्रधानमंत्री ने रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र की छह प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की। नौ राज्यों में फैली इन परियोजनाओं की कुल लागत 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों या पैकेज के रूप में देखने के बजाय एकीकृत व्यवस्था के तौर पर मॉनिटर किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के साथ गुणवत्ता के मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ हर स्तर पर गुणवत्ता जांच और निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया।

पावर सेक्टर की एक परियोजना की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उसके साथ पर्याप्त ट्रांसमिशन व्यवस्था भी तैयार होनी चाहिए। उन्होंने इसे नहर के बिना बांध बनाने जैसी स्थिति बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं की योजना बनाते समय विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने प्रमुख परिवहन परियोजनाओं में साझा उपयोगिता गलियारों की संभावनाएं तलाशने का भी सुझाव दिया। उनका कहना था कि परियोजनाओं में देरी से केवल लागत बढ़ती नहीं है, बल्कि आम लोगों और उद्योगों को मिलने वाला लाभ भी टल जाता है।

बैठक में साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों की भी समीक्षा हुई। प्रधानमंत्री ने बुजुर्गों, युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने तथा साइबर अपराध से निपटने वाले कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।

 

Popular Articles