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‘समझौता कर लिया’: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला; रविशंकर प्रसाद का पलटवार- ‘मैं याद दिलाना चाहता हूं…’

नई दिल्ली (11 मार्च, 2026): पश्चिम एशिया के भीषण संकट और वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की आंतरिक राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार ने देश के रणनीतिक हितों के साथ ‘समझौता’ कर लिया है। राहुल गांधी के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कड़ा पलटवार किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस को उनके कार्यकाल की याद दिलाते हुए ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी का आरोप: ‘डर और समझौते की राजनीति’

राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री को घेरा। उनके आरोपों के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:

  • रणनीतिक समझौता: राहुल गांधी ने दावा किया कि मिडिल ईस्ट संकट के दौरान भारत की चुप्पी और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे खोखले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कुछ बाहरी ताकतों के दबाव में आकर देश के हितों से समझौता कर लिया है।
  • महंगाई का खतरा: उन्होंने कहा कि सरकार तेल के खेल में फंसी हुई है और आने वाले दिनों में इसका सीधा बोझ आम जनता की जेब पर पड़ेगा। राहुल के अनुसार, “प्रधानमंत्री इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त हैं, जबकि देश ईंधन के बड़े संकट की ओर बढ़ रहा है।”
  • युवाओं का भविष्य: उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि युद्ध क्षेत्र में फंसे हजारों भारतीय युवाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के पास कोई ठोस दीर्घकालिक योजना नहीं है।

रविशंकर प्रसाद का करारा जवाब: ‘इतिहास न भूले कांग्रेस’

राहुल गांधी के हमले के कुछ ही घंटों बाद भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद ने मोर्चा संभाला। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को ‘तथ्यहीन और शर्मनाक’ करार दिया:

  1. इतिहास की याद: रविशंकर प्रसाद ने कहा, “मैं राहुल गांधी को याद दिलाना चाहता हूं कि जब उनकी सरकार थी, तब भारत की विदेश नीति केवल ‘इंतजार करो और देखो’ तक सीमित थी। आज मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया भारत की बात सुनती है।”
  2. सफल रेस्क्यू ऑपरेशन: उन्होंने याद दिलाया कि कैसे यूक्रेन युद्ध और अब मिडिल ईस्ट संकट के दौरान भारत ने अपने हजारों नागरिकों को सुरक्षित निकाला है, जो किसी भी ‘समझौते’ का नहीं बल्कि ‘मजबूत इच्छाशक्ति’ का प्रमाण है।
  3. ऊर्जा सुरक्षा: प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत आज 40 देशों से तेल खरीद रहा है, जो कांग्रेस के शासनकाल में अकल्पनीय था। उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी चाहते हैं कि भारत दबाव में आकर अपने नागरिकों को महंगा तेल खिलाए?

बीजेपी का सवाल: ‘किसके साथ है कांग्रेस?’

रविशंकर प्रसाद ने अपने संबोधन में यह भी सवाल उठाया कि जब पूरा देश संकट के समय एकजुट है, तब कांग्रेस भ्रम क्यों फैला रही है। उन्होंने कहा, “जब भी देश पर संकट आता है, राहुल गांधी विदेश की भाषा बोलने लगते हैं। वे भारत की सेना और कूटनीति की ताकत पर संदेह करके किसका भला कर रहे हैं?”

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