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संजय राउत को अपने आचरण पर देना होगा जवाब, SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत के आचरण पर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने कहा कि याचिका पर विचार किया जा रहा है, लेकिन राउत को अपने व्यवहार के बारे में जवाब देना होगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने गुरुवार को राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

चुनाव आयोग को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि मतदाता सूची में किए गए बदलावों और हटाए गए नामों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए। समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों को शामिल करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

सीजेआई ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत अगली सुनवाई पर याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण के बारे में पूछेगी। इससे पहले भी अदालत ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिशों को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को डराया-धमकाया नहीं जा सकता और अदालत बाहर दिए जा रहे बयानों से भी अनजान नहीं है।

राहुल गांधी समेत 13 याचिकाकर्ता

इस याचिका में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संजय राउत और अन्य विपक्षी नेता शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदाताओं के नाम हटाने के कारण सार्वजनिक करने और बिना नोटिस व सुनवाई का अवसर दिए किसी का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में निर्वाचन आयोग का पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी किया है। अब आगे की सुनवाई में आयोग के जवाब और संजय राउत के आचरण पर दिए जाने वाले स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी।

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