नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद कहा कि शिक्षा उनके लिए नया विषय है और किसी भी बड़े फैसले से पहले वह मंत्रालय की कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर विश्वास जताते हुए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, जिसका वह पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद जोशी ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। उन्होंने बताया कि पूरे दिन विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, लंबित मामलों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि मंत्रालय काफी बड़ा है, इसलिए सभी पहलुओं को समझने के बाद ही वह विस्तार से अपनी प्राथमिकताओं पर बात करेंगे।
मीडिया से बातचीत में जोशी ने कहा, “यह मेरे लिए नया विषय है। आज ही मैंने कार्यभार संभाला है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की है। पहले मंत्रालय की पूरी व्यवस्था को समझूंगा, उसके बाद आगे की दिशा तय की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि वह शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का गंभीरता से अध्ययन करेंगे।
जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, वह विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षा मंत्रालय की योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा तथा छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे समय में उन्होंने यह पदभार संभाला है, जब शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े कई मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं।




