केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राजनीतिक एजेंडा हमारे बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर हावी नहीं होना चाहिए। पीएम श्री योजना के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं करने पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को पत्र लिखा। प्रधान ने कहा, मैं सीएम स्टालिन से आग्रह करता हूं कि वे राजनीतिक मतभेदों के बजाय हमारे बच्चों के विश्व स्तरीय शिक्षा के अधिकार को प्राथमिकता दें। इससे कम कुछ भी हमारे बच्चों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात होगा। प्रधान ने स्टालिन को लिखे पत्र में कहा, मुझे यह जानकर खुशी हुई कि तमिलनाडु सरकार ने 15 मार्च को शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में पीएम श्री समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की अपनी इच्छा जताई थी। इसके बाद स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तमिलनाडु को एक मसौदा समझौता ज्ञापन भेजा था। हालांकि, मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि राज्य ने एक संशोधित समझौता ज्ञापन के साथ जवाब में नई शिक्षा नीति, 2020 के संपूर्ण कार्यान्वयन का उल्लेख करने वाला एक महत्वपूर्ण हिस्सा हटा दिया गया है। प्रधान ने पत्र में कहा, मोदी सरकार नई शिक्षा नीति 2020 के तहत 21वीं सदी की शिक्षा के माध्यम से भविष्य को आकार देने के लिए समर्पित है। यह नीति समावेशी शिक्षा और गतिशील शिक्षण वातावरण को प्राथमिकता देती है, जिसे केंद्र और तमिलनाडु दोनों सरकारों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा, जिस तरह राज्य एनईपी, 2020 के साथ संरेखित समग्र शिक्षा योजना को लागू कर रहा है, उसी तरह यह उचित होगा कि पीएम श्री योजना की सभी पहलों को लागू करे। इससे राज्य के स्कूलों को आदर्श स्कूलों के रूप में विकसित किया जा सकेगा। पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना का लक्ष्य 14,500 स्कूलों को अपग्रेड करना है। इससे 18 लाख छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। केंद्र ने पहले चरण में अपग्रेडेशन के लिए 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 6,448 स्कूलों का चयन किया है।





