नई टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जिले में एलपीजी गैस की किल्लत अब सामाजिक उत्सवों और शादियों के उल्लास पर भारी पड़ने लगी है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दरबार में एक बेहद अनोखा मामला सामने आया, जब विकासखंड जौनपुर की ग्राम पंचायत लामकांडे के ग्राम प्रधान शादियों के कार्ड और प्रार्थना पत्र लेकर जिलाधिकारी के पास पहुँच गए। प्रधान ने गुहार लगाई कि गैस सिलिंडरों की कमी के कारण उनके गांव में होने वाली नौ शादियों का बजट और मेन्यू बिगड़ रहा है।
एक गांव, नौ शादियां और खाली सिलिंडर की चिंता
लामकांडे के ग्राम प्रधान दिनेश सिंह रावत ने जनता दरबार में जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल को बताया कि उनके गांव में अप्रैल और मई के महीने में कुल नौ परिवारों में शादियां तय हैं। लेकिन बाजार में गैस सिलिंडरों की भारी कमी के चलते इन परिवारों के सामने मेहमानों की खातिरदारी का संकट खड़ा हो गया है।
- शादी वाले परिवार: गांव के राजेंद्र सिंह, आनंद सिंह, उत्तम सिंह, गोविंद सिंह, वीर सिंह, हरि सिंह, बसंत सिंह, चरण सिंह और सूरत सिंह के घरों में जल्द ही शहनाई बजने वाली है।
- पकवानों पर संकट: प्रधान ने बताया कि गैस न मिलने के कारण परिवारों को मिठाइयां और पारंपरिक पकवान बनाने की चिंता सता रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कुछ परिवारों को मेहमानों की संख्या सीमित करने और खाने के मेन्यू में कटौती करने पर विचार करना पड़ रहा है।
जिलाधिकारी से मांग: प्रति परिवार चार सिलिंडर
ग्राम प्रधान ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से मांग की है कि शादियों के सीजन को देखते हुए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रत्येक शादी वाले परिवार को कम से कम चार-चार गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है ताकि मांगलिक कार्यों में कोई बाधा न आए।
“शादी-ब्याह के घर में मेहमानों का तांता लगा रहता है। ऐसे में बिना पर्याप्त ईंधन के खाना बनाना असंभव है। हमने डीएम साहब से गुहार लगाई है कि इन नौ परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाए।”
प्रशासनिक कार्रवाई: जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश
मामले की संवेदनशीलता और ग्रामीण क्षेत्र में आ रही व्यवहारिक दिक्कत को देखते हुए जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को इस समस्या का त्वरित समाधान करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
- निर्देश: डीएम ने कहा कि शादियों के लिए गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को असुविधा न हो। साथ ही पूर्ति विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जिले में गैस वितरण की व्यवस्था पारदर्शी और सुचारू रहे।
टिहरी के इस मामले ने पर्वतीय क्षेत्रों में एलपीजी वितरण प्रणाली की खामियों और शादियों के सीजन में बढ़ती मांग के बीच के असंतुलन को उजागर किया है। अब ग्रामीणों की नजरें पूर्ति विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।





