हरिद्वार/ब्यूरो: लोहड़ी और मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए हरिद्वार पुलिस ने व्यापक यातायात प्रबंधन योजना तैयार की है। 14 और 15 जनवरी को होने वाले इस मुख्य स्नान पर्व के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भारी वाहनों (Heavy Vehicles) के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, हर की पैड़ी और आसपास के प्रमुख घाटों को ‘जीरो जोन’ घोषित किया गया है, जहाँ केवल पैदल यात्रियों को ही जाने की अनुमति होगी। एसएसपी हरिद्वार ने निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यातायात प्लान की मुख्य बातें: कहाँ से होगा प्रवेश?
श्रद्धालुओं के वाहनों के दबाव को कम करने के लिए रूट डायवर्जन प्लान इस प्रकार तैयार किया गया है:
- दिल्ली-मेरठ की ओर से आने वाले वाहन: दिल्ली और मेरठ की ओर से आने वाले छोटे वाहनों को ‘नारसन’ और ‘मंगलौर’ से डायवर्ट कर निर्धारित पार्किंग स्थलों जैसे ‘ऋषिकुल मैदान’ और ‘बैरागी कैंप’ की ओर भेजा जाएगा।
- देहरादून-ऋषिकेश की ओर से आने वाले वाहन: इन शहरों से आने वाले वाहनों को ‘दूधाधारी चौक’ से डायवर्ट किया जाएगा और उन्हें मोतीचूर के पास स्थित पार्किंग क्षेत्रों में पार्क कराया जाएगा।
- भारी वाहनों पर प्रतिबंध: ट्रक, डंपर और अन्य भारी कमर्शियल वाहनों का प्रवेश शहर की सीमा के भीतर 13 जनवरी की रात से ही बंद कर दिया जाएगा। केवल आवश्यक वस्तुओं (दूध, सब्जी, फल) की आपूर्ति करने वाले वाहनों को ही विशेष अनुमति दी जाएगी।
जीरो जोन और पार्किंग की व्यवस्था
भक्तों की सुरक्षा के लिए घाटों के पास के क्षेत्रों को वाहन मुक्त रखा गया है:
- हर की पैड़ी ‘जीरो जोन’: भीमगौड़ा बैरियर से लेकर चंडी चौक तक का पूरा क्षेत्र जीरो जोन रहेगा। यहाँ रिक्शा और ई-रिक्शा के संचालन पर भी पाबंदी रहेगी।
- प्रमुख पार्किंग स्थल: प्रशासन ने बैरागी कैंप, ऋषिकुल मैदान, अलकनंदा पार्किंग और मोतीचूर पार्किंग को सक्रिय कर दिया है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहन सड़क किनारे खड़े न करें, अन्यथा उन्हें टो (Tow) कर लिया जाएगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
स्नान पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है:
- मेला क्षेत्र का विभाजन: पूरे मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टर में बांटा गया है, जिसकी कमान राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) के हाथ में होगी।
- सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: हर की पैड़ी, सुभाष घाट और अन्य प्रमुख स्नान घाटों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है।
- जल पुलिस की तैनाती: गंगा के गहरे बहाव वाले क्षेत्रों में जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें तैनात रहेंगी ताकि किसी भी डूबने की घटना को रोका जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष गाइडलाइंस
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और यातायात नियमों का पालन करने का अनुरोध किया है:
- अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं का ही पालन करें।
- ठंड से बचाव: अत्यधिक ठंड को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने और ऊनी कपड़े साथ लाने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष: आस्था और अनुशासन का संगम
मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है, और इस बार प्रशासन का पूरा जोर ‘सुरक्षित और सुगम’ यात्रा पर है। नया ट्रैफिक प्लान लागू होने से स्थानीय निवासियों को भी जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।





