Wednesday, March 4, 2026

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शराब पीकर गाड़ी चलाने के पुराने मामलों में निर्वासन का खतरा

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के एचआर.875 या प्रोटेक्ट आवर कम्युनिटीज फ्रॉम डीयूआई एक्ट का समर्थन करने से अप्रवासी समुदाय, खासकर भारतीय प्रवासियों के लिए खतरा बढ़ गया है। शराब पीकर गाड़ी चलाने (डीयूआई-ड्राइव अंडर इन्फ्लूएंस) के पुराने मामलों में अब अमेरिका में निर्वासन के खतरे की घंटी से ग्रीन कार्ड व वीजा धारकों की चिंता बढ़ गई है। यह विधेयक हाउस में पास हो चुका है और अब इसे सीनेट में समर्थन मिल रहा है, जिसे व्हाइट हाउस का भी समर्थन प्राप्त है। अभी तक, कम गंभीर डीयूआई अपराधों के कारण आमतौर पर निर्वासन या अमेरिका में प्रवेश पर रोक नहीं लगती थी। लेकिन, विल के कानून बनने से स्थिति बदल जाएगी। आप्रवासन वकील जोसेफ त्सांग ने कहा, कानून बना तो किसी भी गैर अमेरिकी नागरिक को सिर्फ एक पुराने डीयूआई रिकॉर्ड के आधार पर अमेरिका से बाहर निकाला जा सकता है या उसे वापस आने से रोका जा सकता है।इस खतरे को देखते हुए, आप्रवासन वकील उन सभी ग्रीन कार्ड धारकों को सलाह दे रहे हैं जो नागरिकता के लिए पात्र हैं कि वे तुरंत इस प्रक्रिया को शुरू करें। इसके अलावा, जिन लोगों के पास डीयूआई का रिकॉर्ड है, उन्हें जल्द से जल्द कानूनी सलाह लेने और अपनी रक्षा के लिए मजबूत कदम उठाने की सलाह दी गई है।

बिना दोषसिद्धि के भी निर्वासन का रहेगा खतरा
इस बिल का सबसे परेशान करने वाला पहलू यह है कि इसमें दोषी ठहराए जाने की भी जरूरत नहीं है। एक लॉ फर्म, लैंडरहोम इमिग्रेशन, के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति ने कभी शराब पीकर गाड़ी चलाने की बात स्वीकार भी की होगी तो उसको अमेरिका में रहने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। यह नियम तब भी लागू होगा जब आरोप हटा दिए गए हों या घटना कई साल पहले हुई हो। यह एक बेहद कठोर और व्यापक मानक है।

विधेयक में संदर्भ को किया गया नजरअंदाज
त्सांग ने कहा, इसमें कोई दो राय नहीं कि डीयूआई गंभीर है क्योंकि यह जान ले लेती है और दर्द देती है। इसका उद्देश्य हमारे समुदायों को सुरक्षित बनाना है और यह एक ऐसा लक्ष्य है जिसे हम सभी साझा करते हैं। लेकिन इस बिल के मामले में मुद्दा आनुपातिकता और प्रक्रिया का है। यह विधेयक व्यक्ति के संदर्भ या सुधार की संभावना पर विचार नहीं करता। जैसे दस वर्ष पुराने डीयूआई रिकॉर्ड वाला ग्रीन कार्ड धारक के विदेश जाने पर बिल उसके वापस लौटने से पहले कानून बनता है, तो उसे देश में प्रवेश से रोका जा सकता है।

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