लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई समिट (AI Summit) के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन पर कड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास करार दिया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया भारत की तकनीकी प्रगति और नेतृत्व क्षमता का लोहा मान रही है, तब विपक्षी दल के कार्यकर्ता नकारात्मक राजनीति के जरिए देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े प्रहार
राजधानी लखनऊ में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने इस घटना पर कई अहम टिप्पणियां कीं:
- राष्ट्र विरोधी कृत्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर, जहाँ विदेशी मेहमान और तकनीकी दिग्गज मौजूद थे, वहाँ हंगामा करना न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि राष्ट्र विरोधी मानसिकता का परिचायक है।
- विकास में बाधा: सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही भारत की प्रगति की राह में रोड़ा अटकाती रही है। जब भी देश किसी बड़े लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाता है, ये तत्व अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करते हैं।
- लोकतंत्र और मर्यादा: उन्होंने जोर देकर कहा कि विरोध करने का अधिकार सबको है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग देश को नीचा दिखाने के लिए करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
क्या था मामला? (भारत मंडपम में हंगामा)
गौरतलब है कि दिल्ली के भारत मंडपम में वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन (India AI Impact Summit) चल रहा था। इसी दौरान:
- सुरक्षा घेरा तोड़ना: यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्य हॉल की ओर बढ़ने का प्रयास किया।
- नारेबाजी और पोस्टर: प्रदर्शनकारी बेरोजगारी और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे।
- पुलिस की कार्रवाई: दिल्ली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें बाद में बिहार और यूपी के कार्यकर्ताओं की पहचान हुई।
‘नकारात्मकता की राजनीति’ पर प्रहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश और भारत ‘डिजिटल इकोनॉमी’ की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। एआई समिट जैसे आयोजन निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर लाते हैं। ऐसे आयोजनों में व्यवधान डालना सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल विकास के सकारात्मक मुद्दों पर बहस करने के बजाय सड़कों पर अराजकता फैलाने को अपनी उपलब्धि मान रहे हैं।





