नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व आंध्र प्रदेश मंत्री और सांसद वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शुक्रवार को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में कई ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने कुल छह स्थानों पर तलाशी ली, जिनमें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के कडपा सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी से जुड़े परिसरों के साथ उनके पिता वाईएस भास्कर रेड्डी से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं।
ED की टीमें शुक्रवार सुबह से ही कार्रवाई में जुटी रहीं। अधिकारियों के मुताबिक, हैदराबाद और कडपा जिले में तलाशी अभियान चलाया गया। जांच का केंद्र विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और धन के प्रवाह की पड़ताल करना है। एजेंसी ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत शुरू की है।
2019 में हुई थी हत्या
वाईएस विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को कडपा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती तौर पर मामले को अलग रूप में देखा गया, लेकिन बाद की जांच में हत्या की पुष्टि हुई। मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई और सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे को आंध्र प्रदेश से हैदराबाद की विशेष CBI अदालत में स्थानांतरित कर दिया।
वित्तीय पहलू की जांच
ED अब हत्याकांड से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है। तलाशी के दौरान दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य मामले से जुड़े धन के स्रोत और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की पड़ताल करना है।
ED की कार्रवाई के बाद आंध्र प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। YSRCP ने कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए सवाल उठाए हैं। हालांकि, केवल छापेमारी अपने आप में किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं करती। मामले में जांच जारी है और तलाशी से मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





