वॉशिंगटन। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे. डी. वेंस ने विदेशियों को दिए जा रहे वर्क वीजा कार्यक्रमों पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश में आने वाले कई विदेशी कर्मचारी “सस्ता श्रम” बन चुके हैं और यह अमेरिकी कामगारों के हितों के खिलाफ है।
वेंस ने संकेत दिया कि सरकार इन वीजा कार्यक्रमों में व्यापक बदलाव या कटौती करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियाँ विदेशी कर्मचारियों का उपयोग स्थानीय श्रमिकों की जगह सस्ती लागत पर करती हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है।
उनके इस बयान के बाद देश में बहस तेज हो गई है। तकनीकी कंपनियाँ चेतावनी दे रही हैं कि वीजा कटौती से अमेरिकी उद्योगों में कुशल श्रमिकों की कमी हो जाएगी, जबकि वेंस समर्थकों का कहना है कि समय आ गया है कि अमेरिकी नौकरियाँ पहले अमेरिकी नागरिकों को मिलें।
आने वाले हफ्तों में नीति बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएँ हो सकती हैं।
विदेशी कर्मियों को “सस्ता मजदूर” बताकर वीजा खत्म करने की तैयारी, उपराष्ट्रपति वेंस का कड़ा बयान





