Saturday, January 31, 2026

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वसंत पंचमी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब: तड़के से जारी है गंगा स्नान, भीड़ बढ़ने पर लागू होगा रूट डायवर्जन

हरिद्वार: वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर तीर्थ नगरी हरिद्वार में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। ‘हर की पैड़ी’ समेत विभिन्न गंगा घाटों पर तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगा की पवित्र लहरों में डुबकी लगा रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि शहर में वाहनों का दबाव और अधिक बढ़ता है, तो तुरंत ‘रूट डायवर्जन’ प्लान लागू कर दिया जाएगा।

ब्रह्म मुहूर्त से गूंजे मां गंगा के जयकारे

भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सुबह चार बजे से ही हर की पैड़ी क्षेत्र भक्तों से पैक नजर आया। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन गंगा स्नान और मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु निजी वाहनों और बसों के जरिए हरिद्वार पहुँचे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर पुलिस

मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टरों में बांटा गया है। एसएसपी हरिद्वार के निर्देशानुसार, संवेदनशील घाटों पर जल पुलिस और गोताखोरों की तैनाती की गई है।

  • सीसीटीवी निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है।
  • अतिरिक्त फोर्स: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पीएसी (PAC) और अतिरिक्त पुलिस बल को प्रमुख चौराहों पर तैनात किया गया है।

यातायात व्यवस्था और डायवर्जन प्लान

शहर के मुख्य बाजारों और हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:

  1. रूट डायवर्जन: यदि ऋषिकुल और चंडी घाट पुल के पास यातायात का दबाव बढ़ता है, तो दिल्ली और देहरादून की ओर से आने वाले वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों (बाइपास) पर भेज दिया जाएगा।
  2. पार्किंग व्यवस्था: श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पंतद्वीप, चमगादड़ टापू और ऋषिकुल मैदान में विशेष पार्किंग बनाई गई है। शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

घाटों पर व्यवस्थाएं

नगर निगम और मेला प्रशासन ने घाटों पर साफ-सफाई और रोशनी के विशेष प्रबंध किए हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं भी जगह-जगह श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और पेयजल की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। पंडितों और पुरोहितों का कहना है कि आज के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है, इसलिए घाटों पर दान देने वालों की भी खासी भीड़ है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु को न छुएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी को दें।

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