त्रिपोली। उत्तरी अफ्रीकी देश लीबिया के तट पर एक और भीषण नाव हादसा सामने आया है। रविवार को तोब्रुक शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर समुद्र में प्रवासियों से भरी नाव डूब गई, जिसमें 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई। यह नाव सूडान के शरणार्थियों को लेकर ग्रीस जा रही थी। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।
नाव में लगी अचानक आग, 24 लोग बचाए गए
IOM के मुताबिक, नाव में करीब 75 प्रवासी सवार थे। अचानक आग लगने के बाद नाव समुद्र में डूब गई। हादसे में अब तक 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि शेष यात्री अब भी लापता हैं। बचाव दल समुद्र से शव निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
रेड क्रेसेंट का बचाव अभियान
लीबिया रेड क्रेसेंट ने बताया कि उन्हें रविवार देर रात तोब्रुक प्रशासन से आपात कॉल मिला। इसके बाद रेस्क्यू टीमें समुद्र में उतरीं और कम्बोट बीच (तट से 60 किलोमीटर पश्चिम) तथा काबेस क्षेत्र (तट से 90 किलोमीटर पूर्व) से शव बरामद किए। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मिले शव उसी डूबी हुई नाव के यात्रियों के हैं या नहीं।
प्रवासियों के लिए लीबिया-यूरोप मार्ग सबसे खतरनाक
युद्ध और गरीबी से जूझ रहे अफ्रीकी व मध्य-पूर्वी देशों के हजारों लोग यूरोप जाने के लिए लीबिया को ट्रांजिट रूट की तरह इस्तेमाल करते हैं। यहां से वे समुद्र के रास्ते ग्रीस या इटली पहुंचने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह यात्रा अक्सर मौत का सफर साबित होती है। ओवरलोड नावें, तकनीकी खराबी और खराब मौसम मिलकर इन हादसों को जन्म देते हैं।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
• इस महीने की शुरुआत में भी लीबिया के तट पर प्रवासियों की नाव पलट गई थी। उस हादसे में 32 प्रवासी सवार थे, जिनमें से 9 को बचा लिया गया था, जबकि 22 लोग लापता हो गए और एक की मौत हुई थी।
• दिसंबर 2024 में पश्चिमी लीबिया के तट पर बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 61 प्रवासी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, डूब गए थे।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
लगातार हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। IOM और UNHCR (यूएन शरणार्थी एजेंसी) बार-बार चेतावनी दे चुके हैं कि लीबिया-यूरोप समुद्री मार्ग प्रवासियों के लिए दुनिया का सबसे खतरनाक रास्ता बन चुका है।





