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रूस बना रहा भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता, अगस्त में 45% रही हिस्सेदारी

नई दिल्ली, 3 सितंबर। रूस अगस्त में भी भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहा। समुद्री खुफिया एवं ऊर्जा बाजार विश्लेषण कंपनी केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अगस्त में रूस से प्रतिदिन करीब 21 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा। यह भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 45 प्रतिशत रहा।

हालांकि, जुलाई की तुलना में अगस्त में रूसी तेल का आयात काफी घटा। जुलाई में भारत ने रिकॉर्ड करीब 28 लाख बैरल प्रतिदिन रूसी कच्चा तेल खरीदा था। अगस्त में यह मात्रा करीब 26 प्रतिशत कम रही। इसके बावजूद रूस शीर्ष आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

केप्लर के अनुसार, अगस्त में भारत का कुल कच्चा तेल आयात करीब 46 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, जो जुलाई के 50 लाख बैरल प्रतिदिन से लगभग आठ प्रतिशत कम है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आयात में कमी के पीछे कुछ भारतीय रिफाइनरियों में रखरखाव कार्य, रूसी तेल की उपलब्धता में कमी और वैश्विक बाजार में बदलाव प्रमुख कारण रहे।

रूसी कच्चे तेल के लिए भारत को अब चीन से भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। चीनी रिफाइनरियां रूसी तेल की खरीद बढ़ा रही हैं, जिससे उपलब्ध कार्गो के लिए प्रतिस्पर्धा तेज हुई है। रूस से समुद्री तेल निर्यात में कमी और परिवहन संबंधी जोखिमों ने भी भारतीय आयातकों के लिए परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनाई हैं।

रूसी आपूर्ति में कमी के बीच भारतीय रिफाइनरियां अन्य देशों से भी कच्चा तेल खरीद रही हैं। अगस्त में संयुक्त अरब अमीरात, वेनेजुएला और अन्य आपूर्तिकर्ताओं से आयात बढ़ा। इससे संकेत मिलता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अलग-अलग स्रोतों का इस्तेमाल कर रहा है।

इसके बावजूद रूस निकट भविष्य में भारत के तेल आयात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, अगस्त की गिरावट को रूस से तेल खरीद में स्थायी बदलाव के बजाय बाजार और आपूर्ति परिस्थितियों में आया उतार-चढ़ाव माना जा रहा है।

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