रुद्रप्रयाग। जिले में हुई अतिवृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। छेनागाड़ क्षेत्र में भूस्खलन और मलबा आने से 15 दुकानें और कई मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस आपदा में आठ लोग नदी की तेज धारा में बह गए, जिनमें से एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है। बाकी लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, देर रात हुई भारी बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा गिरने लगा, जिसने पूरे बाजार और आवासीय हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। अचानक आए इस आपदा के कारण लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे, लेकिन कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल पाए।
आपदा प्रबंधन दल और पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। नदी में बहे लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी लगाई गई हैं। वहीं, प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय स्थलों में शिफ्ट कराया है और पीड़ितों को तात्कालिक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
घटना से क्षेत्र में दहशत और मातम का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी भीषण तबाही उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। कई परिवारों का आशियाना और आजीविका का साधन एक ही झटके में खत्म हो गया।
जिलाधिकारी ने कहा है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार हो रही अतिवृष्टि और पहाड़ी इलाकों में हो रहे भूस्खलन से आपदा का खतरा लगातार बढ़ रहा है।





