रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड के औद्योगिक शहर रुद्रपुर में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवा कारोबारी संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से लहूलुहान होकर अपने घर में मिला। गोली कारोबारी की दाईं कनपटी पर लगी है, जिससे उनकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे और मामले की छानबीन शुरू की। वर्तमान में घायल व्यवसायी को प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी के एक सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ वे वेंटिलेटर पर हैं।
क्या है पूरा मामला? (घटनाक्रम)
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना रुद्रपुर के एक पॉश इलाके की है। घायल कारोबारी की पहचान शहर के एक प्रतिष्ठित युवा व्यवसायी के रूप में हुई है:
- गोली की आवाज: दोपहर के समय घर के भीतर से गोली चलने की आवाज आई, जिसे सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर दौड़े। कमरे के भीतर कारोबारी खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे।
- मौके से हथियार बरामद: घटना के तुरंत बाद पुलिस को कमरे से एक अवैध असलहा (तमंचा) बरामद हुआ है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हथियार कारोबारी के पास कहाँ से आया और इसका लाइसेंस था या नहीं।
आत्महत्या का प्रयास या साजिश? पुलिस उलझी
घटना की प्रकृति को लेकर पुलिस अभी किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुँची है। जांच के दौरान दो मुख्य पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है:
- आत्महत्या का संदेह: शुरुआती तौर पर मामला खुदकुशी के प्रयास का लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कारोबारी पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव या व्यापारिक घाटे के चलते परेशान थे। हालांकि, परिजनों ने अभी तक इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
- रंजिश की आशंका: पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि कहीं किसी बाहरी व्यक्ति ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम तो नहीं दिया। आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि संदिग्धों की आवाजाही का पता चल सके।
डॉक्टरों ने बताया: हालत गंभीर
रुद्रपुर के जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने वाले डॉक्टरों ने बताया कि गोली कनपटी के एक तरफ से घुसकर दूसरी तरफ निकल गई है, जिससे मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुँची है। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी स्थिति स्थिर नहीं है। उन्हें ‘क्रिटिकल केयर यूनिट’ (CCU) में रखा गया है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच
पुलिस अधीक्षक (SP) और क्षेत्राधिकारी (CO) ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है:
- फॉरेंसिक टीम: फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कमरे से उंगलियों के निशान (Fingerprints) और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
- परिजनों से पूछताछ: पुलिस कारोबारी के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स (CDR) की भी जांच कर रही है ताकि घटना से ठीक पहले हुई बातचीत का पता लगाया जा सके।





