रुड़की। एआरटीओ कार्यालय के बाहर संचालित संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और सेकेंड हैंड कार डीलर के कार्यालय से कई दस्तावेज और उपकरण कब्जे में लिए गए। कार्रवाई के बाद संबंधित कार्यालयों को सील कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार परिवहन मंत्री Pradeep Batra के निर्देश पर विभागीय टीम ने एआरटीओ कार्यालय के बाहर चल रहे अवैध एजेंटों और संदिग्ध सीएससी सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान एक सेंटर से वाहनों और लोगों की निजी जानकारी से जुड़े दस्तावेज, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए। टीम ने सभी सामान को जब्त कर कार्यालय को सील कर दिया।
अचानक हुई कार्रवाई से आसपास के दुकानदारों और एजेंटों में हड़कंप मच गया। कई लोगों ने दुकानें बंद कर दीं, जबकि मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 30 से 40 मिनट तक चले अभियान के दौरान अधिकारियों ने कई दस्तावेजों की जांच भी की।
इसके अलावा एआरटीओ कार्यालय के पास संचालित एक सेकेंड हैंड कार डीलर के ऑफिस में भी जांच की गई। सत्यापन और निर्धारित शुल्क जमा नहीं होने पर विभाग ने कार्यालय को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) Jitendra Chandra Bahadur ने कहा कि विभाग आमजन को पारदर्शी और सरल सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या अनधिकृत हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एआरटीओ कार्यालय के बाहर लंबे समय से फोटोस्टेट और सीएससी सेंटरों की आड़ में दलाली का खेल चल रहा है। आरोप है कि कुछ एजेंट सुविधा शुल्क लेकर लाइसेंस और अन्य कार्य तेजी से कराने का दावा करते हैं। विभाग की इस कार्रवाई को अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





