नई दिल्ली (25 मार्च, 2026): भारत सरकार के आर्थिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए, लोकसभा ने बुधवार को ‘वित्त विधेयक 2026’ (Finance Bill 2026) को अपनी मंजूरी दे दी है। यह विधेयक सदन में विस्तृत चर्चा के बाद, सरकार द्वारा पेश किए गए 32 महत्वपूर्ण संशोधनों को शामिल करते हुए पारित किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा का जवाब देते हुए एक सशक्त संदेश दिया कि भारत आज आत्मविश्वास के साथ “रिफॉर्म एक्सप्रेस” (Reform Express) पर सवार है और आर्थिक सुधारों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में हो रहे ये सुधार किसी बाहरी दबाव या मजबूरी में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक “स्पष्ट सोच, ऊँचे आत्मविश्वास और मजबूत प्रतिबद्धता” के साथ किए जा रहे हैं।
भरोसेमंद और पारदर्शी टैक्स सिस्टम: ईमानदार करदाताओं को राहत
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की प्राथमिकताओं और विजन को रेखांकित किया:
- करदाताओं पर भरोसा: सीतारमण ने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस एक ऐसे टैक्स सिस्टम (Tax System) का निर्माण करना है, जो पूरी तरह से “भरोसे” पर आधारित हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि नए नियमों के तहत “ईमानदार करदाताओं” के लिए परेशानियां कम की जा रही हैं और उन्हें अनावश्यक जांच से बचाया जा रहा है।
- आसान और पारदर्शी प्रशासन: वित्त मंत्री ने बताया कि टैक्स प्रशासन को अधिक पारदर्शी (Transparent), सरल (Simplified) और तकनीक-आधारित बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसका उद्देश्य कर चोरी को रोकना और साथ ही व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना है।
- संशोधनों का महत्व: विधेयक में शामिल किए गए 32 सरकारी संशोधन आर्थिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने, कर नियमों में स्पष्टता लाने और विभिन्न क्षेत्रों को राहत प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।





