देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने विरोध तेज कर दिया है। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपकर मुकदमा तत्काल निरस्त करने की मांग की। कांग्रेस ने एफआईआर को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले में एससी/एसटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगाई गई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने इन आरोपों को झूठा और निराधार बताया है।
कांग्रेस ने रखीं तीन मांगें
डीजीपी को दिए ज्ञापन में कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कर उसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। इसके अलावा पार्टी ने रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम करने वाले गिरीश पांडेय और उनके साथियों के खिलाफ वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। कांग्रेस ने शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की जांच कराने की मांग भी रखी।
सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जबकि राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
कांग्रेस ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर निरस्त नहीं की गई और कांग्रेस के अनुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।





