नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक बार फिर गरमा गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। रिजिजू ने राहुल गांधी को ‘देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति’ करार देते हुए आरोप लगाया कि उनके बयान और कार्यप्रणाली भारत की एकता और अखंडता के लिए चुनौती बन रहे हैं। केंद्रीय मंत्री का यह बयान राहुल गांधी के हालिया विदेश दौरों और वहां दिए गए विवादित बयानों के संदर्भ में आया है, जिसे लेकर भाजपा लगातार कांग्रेस को घेर रही है।
रिजिजू के हमले के मुख्य बिंदु: क्यों बताया ‘खतरनाक’?
एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के व्यवहार और उनकी राजनीति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए:
- विदेशी धरती पर देश की आलोचना: रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी जब भी विदेश जाते हैं, वे भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं, सेना और सरकार की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, यह व्यवहार किसी जिम्मेदार राजनेता का नहीं हो सकता।
- विभाजनकारी राजनीति का आरोप: मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जाति और भाषा के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
- चीन और सीमा विवाद पर बयान: रिजिजू ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अक्सर संवेदनशील मुद्दों पर ऐसी भाषा बोलते हैं जो दुश्मन देशों के नैरेटिव को मजबूती देती है।
“देश को कमजोर करने की कोशिश”: भाजपा का स्टैंड
भाजपा ने राहुल गांधी के खिलाफ एक सुनियोजित अभियान छेड़ते हुए इसे ‘राष्ट्रवाद बनाम राष्ट्रविरोधी’ विचारधारा की लड़ाई बताया है:
- संस्थाओं पर अविश्वास: रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी न्यायपालिका, चुनाव आयोग और संसद जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के भरोसे को कमजोर कर रहे हैं।
- टूलकिट का हिस्सा: केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उन अंतरराष्ट्रीय ताकतों के ‘टूलकिट’ का हिस्सा बन गए हैं जो भारत की उभरती वैश्विक शक्ति को पचा नहीं पा रहे हैं।
कांग्रेस की पलटवार की तैयारी
किरेन रिजिजू के इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में भी तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है:
- अभिव्यक्ति की आजादी: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार असल मुद्दों जैसे बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष के नेता पर व्यक्तिगत हमले कर रही है।
विपक्ष की आवाज को दबाना: कांग्रेस का तर्क है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना ‘खतरा’ नहीं बल्कि ‘मजबूती’ है, और सरकार राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर ऐसे अनर्गल बयान दे रही है।





