इस्राइल-गाजा जंग शुरू होने के बाद अमेरिका में मुस्लिमों और अरब के खिलाफ नफरत तेजी से बढ़ रही है। इसी का मुकाबला करने के लिए लंबे समय से इंतजार की जा रही रणनीति का राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को खुलासा किया। उन्होंने भेदभाव को कम करने के लिए निरंतर काम करने का आह्वान किया।64 पन्नों का यह दस्तावेज डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से कुछ सप्ताह पहले आया है। बता दें, ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान कुछ मुस्लिम बहुल देशों के लोगों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे बाइडन ने अपने कार्यकाल के पहले दिन रद्द कर दिया था।यह व्हाइट हाउस द्वारा पिछली साल सितंबर से जारी यहूदी-विरोधी भावना से लड़ने की व्यापक रणनीति को दिखाता है। हालांकि, यह कदम छह साल के लड़के वाडिया अल-फयूम की हत्या के एक साल से अधिक समय बाद उठाया गया है, जिसे एक व्यक्ति ने चाकू मार दिया था। उसे और उसकी मां को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया था क्योंकि वे फलस्तीनी-अमेरिकी थे।बाइडन ने शिकागो में बच्चे और उसकी मां पर हुए हमले को जघन्य कृत्य बताया। साथ ही मुस्लिम-विरोधी और अरब-विरोधी घृणा अपराधों, भेदभाव और धमकाने के मामलों में तेजी से हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे गलत और अस्वीकार्य बताया। राष्ट्रपति ने कहा, ‘मुसलमानों और अरबियों को भी अमेरिकियों के साथ सम्मान के साथ जीने और हर अधिकार का आनंद लेने के हकदार हैं। ऐसी नीतियां जो पूरे समुदायों के खिलाफ भेदभाव का कारण बनती हैं, गलत हैं और हमें सुरक्षित रखने में नाकाम हैं।’
मुस्लिम नागरिक अधिकार समूह ‘काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशंस’ ने इस रणनीति को बहुत कम और देरी बताया। इसके साथ ही संघीय निगरानी सूची और नो-फ्लाई सूची को समाप्त न करने के लिए व्हाइट हाउस को दोषी ठहराया, जिसमें कई अरब और मुस्लिम अमेरिकी शामिल हैं। वहीं, ट्रंप की ट्रांजिशन टीम ने इस रणनीति पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है या वह इसका समर्थन करेगी या नहीं।
व्हाइट हाउस ने कहा कि बाइडन प्रशासन को उम्मीद है कि ट्रंप प्रशासन के अगले कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों के लिए द्विदलीय समर्थन जारी रहेगा। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा संचार सलाहकार जॉन किर्बी ने कहा, ‘इस द्विपक्षीय संबंध को बढ़ाने के लिए दोनों दलों का मजबूत समर्थन रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन को इस बात पर बहुत गर्व है कि उनके प्रशासन के दौरान भारत के साथ अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध किस तरह बदल गए हैं।’





