Sunday, November 30, 2025

Top 5 This Week

Related Posts

राम मंदिर धर्मध्वजा से लेकर 1500 एंड्युरेंस स्पोर्ट्स तक—पीएम मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने संबोधन में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और खेल जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से बात की। उनके संबोधन में अयोध्या में राम मंदिर के धर्मध्वजा स्थापना समारोह का उल्लेख विशेष रूप से प्रमुख रहा। उन्होंने कहा कि यह क्षण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था की निरंतरता का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर को देशवासियों के लिए ‘गौरव और आध्यात्मिक ऊर्जा’ का क्षण बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि देश एक ऐतिहासिक कालखंड का साक्षी बन रहा है, जहां सदियों से प्रतीक्षित राम मंदिर का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने अयोध्या में तेजी से हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर अब वैश्विक धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में हाल ही में आयोजित कार्यक्रमों ने पूरे देश को एक भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया है।

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खेल और फिटनेस को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने बताया कि भारत में अब 1500 से अधिक एंड्युरेंस स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं नियमित रूप से आयोजित हो रही हैं, जो देश में तेजी से बढ़ती फिटनेस संस्कृति का प्रमाण है। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य युवाओं को शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से सशक्त और प्रतिस्पर्धी बनाने का है। उन्होंने कहा कि दौड़, साइक्लिंग, ट्रायथलॉन और अन्य सहनशक्ति आधारित खेलों में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो देश के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि खेल केवल फिटनेस का साधन नहीं, बल्कि अनुशासन, लक्ष्य-सिद्धि और टीम वर्क का माध्यम हैं। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे किसी न किसी खेल या फिटनेस गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं।

अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने देश की प्रगति, सांस्कृतिक धरोहर और युवाओं की ऊर्जा पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे मार्ग पर आगे बढ़ रहा है जहां आध्यात्मिकता और आधुनिकता दोनों समान रूप से साथ चल रहे हैं। उनका संदेश था कि देश का हर नागरिक, चाहे वह आस्था से जुड़ा हो या खेल से, राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है।

Popular Articles