Saturday, March 7, 2026

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राजधानी देहरादून को जाम से मिलेगी मुक्ति: मुख्यमंत्री धामी ने AI ट्रैफिक सिग्नल के लिए मंजूर किए 33.45 करोड़, तकनीक से सुधरेगी रफ्तार

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लंबे समय से नासूर बनी ट्रैफिक जाम की समस्या का अब हाई-टेक समाधान होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम के लिए 33.45 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी है। इस योजना के लागू होने के बाद देहरादून की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा और लोगों को घंटों लंबे जाम से राहत मिलेगी।

कैसे काम करेगा AI आधारित ट्रैफिक सिस्टम?

यह नई प्रणाली वर्तमान के पारंपरिक ‘टाइम-बेस्ड’ सिग्नल से पूरी तरह अलग होगी:

  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग: सड़कों पर लगे सेंसर और कैमरे ट्रैफिक की डेंसिटी (वाहनों की संख्या) को भांप लेंगे। जिस सड़क पर वाहनों की कतार लंबी होगी, वहां का सिग्नल AI खुद-ब-खुद अधिक समय के लिए ग्रीन कर देगा।
  • सेंसर्स का उपयोग: सड़कों के नीचे और ऊपर लगे सेंसर्स यह डेटा कंट्रोल रूम को भेजेंगे, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप की जरूरत कम हो जाएगी।
  • स्मार्ट जंक्शन: शहर के प्रमुख चौराहों को ‘स्मार्ट जंक्शन’ में बदला जाएगा, जहाँ ट्रैफिक लाइटों के बीच आपसी तालमेल (सिंक्रोनाइज़ेशन) होगा ताकि वाहनों को बार-बार न रुकना पड़े।

33.45 करोड़ के बजट का खाका

सरकार द्वारा जारी इस भारी-भरकम बजट का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा:

  1. उपकरणों की खरीद: अत्याधुनिक AI कैमरे, सेंसर्स और सिग्नल कंट्रोलर्स की स्थापना।
  2. सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम: एक हाई-टेक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा जहाँ से पूरे शहर के ट्रैफिक का लाइव डेटा देखा जा सकेगा।
  3. चौराहों का सौंदर्यीकरण: सिग्नल सिस्टम के साथ-साथ चौराहों के लेआउट में भी सुधार किया जाएगा ताकि मोड़ और लेन प्रबंधन बेहतर हो सके।

जाम से मुक्ति और पर्यावरण को लाभ

मुख्यमंत्री धामी ने इस परियोजना पर जोर देते हुए कहा कि देहरादून न केवल एक प्रशासनिक केंद्र है बल्कि पर्यटन का भी मुख्य द्वार है।

  • समय की बचत: जाम कम होने से दफ्तर जाने वालों और स्कूली बच्चों के समय की बचत होगी।
  • प्रदूषण में कमी: चौराहों पर गाड़ियां कम देर तक चालू खड़ी रहेंगी, जिससे ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन (प्रदूषण) में भी भारी कमी आएगी।
  • आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता: AI सिस्टम एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन गाड़ियों को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ देने में भी सक्षम होगा।

मुख्यमंत्री का विजन: ‘स्मार्ट और सुरक्षित उत्तराखंड’

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह परियोजना ‘स्मार्ट सिटी’ अभियान का हिस्सा है।

“देहरादून की जनता का समय कीमती है। हम तकनीक का उपयोग करके ट्रैफिक प्रबंधन को मानवीय त्रुटियों से मुक्त करना चाहते हैं। 33.45 करोड़ की यह मंजूरी शहर को आधुनिक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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