यूरोप। पोलैंड और एस्टोनिया में संदिग्ध रूसी ड्रोन देखे जाने के बाद यूरोप में हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस सिलसिले में सोमवार देर रात डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन और नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के एयरपोर्ट पर ड्रोन देखे जाने की घटनाओं ने हवाई यातायात को ठप कर दिया।
कोपनहेगन एयरपोर्ट में ड्रोन की आहट
कॉपनहेगन एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार रात 11 बजे से 12 बजे के बीच एयरपोर्ट के ऊपर दो से तीन बड़े ड्रोन देखे गए। इससे हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया और:
• उड़ान भरने वाले विमानों का टेकऑफ रोका गया।
• कुछ विमानों को अन्य एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया।
• कम से कम 50 उड़ानें रद्द और 50 से अधिक फ्लाइट्स को मार्ग बदलना पड़ा।
• फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, कोपनहेगन जाने वाले कम से कम 35 विमानों को अपना मार्ग बदलना पड़ा।
एयरपोर्ट की ओर से एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया गया कि हवाई संचालन प्रभावित रहा और यात्रियों को अन्य एयरपोर्ट या रद्द उड़ानों के बारे में सूचना दी गई।
ओस्लो एयरपोर्ट पर भी ड्रोन देखा गया
सिर्फ डेनमार्क ही नहीं, बल्कि नॉर्वे के गार्डेमोएन एयरपोर्ट के ऊपर भी संदिग्ध ड्रोन उड़ान भरते देखे गए। नॉर्वे एयरपोर्ट संचालक एविनोर के मुताबिक, एयरपोर्ट के हवाई क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल ड्रोन की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है और पायलट की पहचान नहीं हो पाई है। इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे मध्य ओस्लो में प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने के आरोप में पूछताछ जारी है।
यूरोप में सुरक्षा चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटनाएं यूरोप में हवाई सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रही हैं। ड्रोन्स की संदिग्ध गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और नागरिक सुरक्षा को प्रभावित किया है। यूरोप के अन्य देशों के एयरपोर्ट्स पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।





