हिमाचल में 252 सड़कें बंद, जम्मू संभाग में बादल फटने व भूस्खलन की चेतावनी
देश के कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान समेत कई राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के पांच जिलों में बादल फटने और भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में हालात गंभीर
हिमाचल प्रदेश में मानसून तेज हो गया है। प्रदेशभर में भारी बारिश के कारण 252 सड़कें, 327 ट्रांसफार्मर, और 787 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हैं। अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 95 लोगों की मौत, 33 लापता और 175 लोग घायल हो चुके हैं। लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों पर करीब डेढ़ माह बाद बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा, कुंजुम और बारालाचा दर्रा बर्फ से ढक गए हैं।
राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित जिलों में सड़कें बहाल करने के लिए 2-2 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। हमीरपुर जिले में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई है।
जम्मू संभाग में 72 घंटे का अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ के असर से सांबा, कठुआ, जम्मू, उधमपुर और रियासी जिलों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन का खतरा जताया गया है। नदी-नालों के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। अमरनाथ गुफा क्षेत्र में बीते 24 घंटे में 7.5 मिमी बारिश दर्ज की गई और तापमान गिरकर 4.9°C तक पहुंच गया है।
वैष्णो देवी यात्रा पर असर
शनिवार को मूसलाधार बारिश के कारण श्रद्धालुओं को राहत तो मिली, लेकिन कम दृश्यता के चलते हेलिकॉप्टर सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। बैटरी कार और रोपवे सेवा सामान्य रूप से जारी रही।
दिल्ली, एमपी, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर में भारी बारिश
शनिवार को दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के सतना और चित्रकूट में जलभराव की स्थिति बनी रही। वहीं, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, गुजरात, केरल और माहे में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
दक्षिण भारत में गर्मी और उमस
आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ क्षेत्रों में तेज गर्मी और उमस की स्थिति बनी रही।
अलर्ट और तैयारी
IMD ने चेतावनी दी है कि 18 जुलाई तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे भूस्खलन, जलभराव और यातायात बाधाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आवश्यक सतर्कता बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
यह पश्चिमी विक्षोभ मानसून की गतिविधियों को और अधिक तीव्र कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित रह सकता है।





