Monday, February 23, 2026

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यूक्रेन पर रूस का भीषण हवाई हमला: मिसाइलों और ड्रोन से दहले कई शहर; जेलेंस्की बोले- ‘पुतिन को शांति नहीं, सिर्फ युद्ध चाहिए’

कीव/मास्को: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर भीषण मोड़ ले चुका है। रूस ने सोमवार तड़के यूक्रेन के कई रिहायशी इलाकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से बड़े पैमाने पर हमला किया है। इस हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध खत्म करने के मूड में नहीं हैं। जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया कि पुतिन केवल विनाश चाहते हैं और बातचीत की मेज पर आने का उनका कोई इरादा नहीं है।

हमले का विवरण: आसमान से बरसी तबाही

यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने इस हमले में ‘किंजल’ हाइपरसोनिक मिसाइलों और ईरान निर्मित ‘शाहेद’ ड्रोनों का इस्तेमाल किया है:

  • निशाने पर ऊर्जा केंद्र: हमलों का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन के बिजली ग्रिडों को ध्वस्त करना था, ताकि कड़ाके की ठंड के बीच देश को अंधेरे में धकेला जा सके। कीव, खार्किव और ओडेसा जैसे प्रमुख शहरों में धमाकों की आवाज सुनी गई।
  • जान-माल का नुकसान: शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में कई नागरिक इमारतों को नुकसान पहुँचा है और कुछ लोगों के हताहत होने की भी खबर है। हालांकि, यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का तीखा प्रहार

हमले के तुरंत बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने पुतिन की मंशा पर सवाल उठाए:

  1. शांति की कोशिशों को झटका: जेलेंस्की ने कहा, “जब भी दुनिया शांति की बात करती है, रूस मिसाइलों से जवाब देता है। यह साफ है कि पुतिन को केवल युद्ध और तबाही पसंद है।”
  2. बातचीत केवल दिखावा: उन्होंने आरोप लगाया कि रूस की ओर से शांति वार्ता का कोई भी प्रस्ताव केवल समय बिताने और अपनी सेना को फिर से संगठित करने की एक चाल है।
  3. हथियारों की मांग: जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अपील की कि वे यूक्रेन को और अधिक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और लंबी दूरी की मिसाइलें प्रदान करें ताकि रूस के ‘आतंक’ को रोका जा सके।

रूस का पक्ष: “सैन्य ठिकानों पर किया हमला”

दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि उनके हमले केवल सैन्य ठिकानों और उन ऊर्जा केंद्रों पर केंद्रित थे जो यूक्रेनी सेना को रसद पहुँचाने में मदद करते हैं। रूस ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने के आरोपों को हमेशा की तरह खारिज कर दिया है।

बढ़ता तनाव और वैश्विक चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस ने हाल के दिनों में अपने हमलों की तीव्रता इसलिए बढ़ाई है ताकि वह युद्ध के मैदान में अधिक लाभ हासिल कर सके।

  • यूरोपीय संघ की चिंता: ईयू के नेताओं ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है।
  • ठंड का संकट: यूक्रेन में तापमान लगातार गिर रहा है, ऐसे में ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमला लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डाल सकता है।

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