कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर भयावह रूप ले लिया है। सोमवार तड़के रूस ने यूक्रेन के विभिन्न शहरों को निशाना बनाते हुए 90 से अधिक विस्फोटक ड्रोनों से हमला किया। इस हमले का सबसे दुखद पहलू यूक्रेन के एक प्रसूति अस्पताल (Maternity Hospital) पर हुआ प्रहार रहा, जिसके कारण अस्पताल की इमारत में भीषण आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में तीन गर्भवती महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, जिन्हें मलबे से निकालकर दूसरे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन कुछ ड्रोन रिहायशी इमारतों पर गिरने में सफल रहे।
ड्रोन हमले का ‘ब्लैक मंडे’: अस्पतालों और घरों को बनाया निशाना
यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, रूस ने ईरान निर्मित ‘शाहेद’ (Shahed) ड्रोनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया:
- अस्पताल पर हमला: प्रसूति अस्पताल पर ड्रोन गिरने के बाद वहां मौजूद स्टाफ और मरीजों में चीख-पुकार मच गई। आग की लपटों ने अस्पताल की ऊपरी मंजिल को पूरी तरह चपेट में ले लिया।
- बचाव कार्य: अग्निशमन दल ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घायलों में महिलाएं और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। गनीमत रही कि किसी नवजात को चोट नहीं आई।
- रिहायशी नुकसान: अस्पताल के अलावा, पास की दो बहुमंजिला इमारतों और एक बिजली सब-स्टेशन को भी भारी नुकसान पहुँचा है।
यूक्रेन का पलटवार और एयर डिफेंस की सक्रियता
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि रूस ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे को पंगु बनाने के लिए यह हमला किया था:
- सफलता दर: यूक्रेन के रक्षा तंत्र ने 90 में से 75 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन बाकी ड्रोनों ने शहरी इलाकों में तबाही मचाई।
- ब्लैकआउट का खतरा: हमलों के कारण कई शहरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे कड़ाके की ठंड में लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: ‘युद्ध अपराध’ का आरोप
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे रूस की कायरतापूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि अस्पतालों को निशाना बनाना सीधा ‘युद्ध अपराध’ है।
- यूक्रेन की मांग: ज़ेलेंस्की ने एक बार फिर पश्चिमी देशों से उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम और लंबी दूरी की मिसाइलों की मांग की है ताकि ऐसे हवाई हमलों को पूरी तरह रोका जा सके।
- UN की चिंता: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी स्वास्थ्य केंद्रों पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई है और मानवीय आधार पर युद्ध रोकने की अपील की है।
रूस का पक्ष: सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
वहीं दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने नियमित ब्रीफिंग में दावा किया है कि उनके हमले केवल यूक्रेन के सैन्य ठिकानों और रसद केंद्रों (Logistics Centers) तक सीमित थे। रूस ने अस्पताल पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और इसे यूक्रेन की ‘मिसाइल डिफेंस विफलता’ करार दिया है।
“रूस एक बार फिर मानवता की सीमाएं लांघ रहा है। प्रसूति अस्पताल पर हमला करना यह दिखाता है कि उनका उद्देश्य केवल युद्ध जीतना नहीं, बल्कि मासूमों को डराना है। हम इसका करारा जवाब देंगे।” — वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की, राष्ट्रपति, यूक्रेन





