देहरादून।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों को लेकर बेरोजगार युवाओं का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी से वार्ता विफल होने के बाद आंदोलनरत युवाओं का धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
सीबीआई जांच और परीक्षा निरस्ती की मांग
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले सैकड़ों युवा परेड ग्राउंड के समीप सड़क किनारे धरना दे रहे हैं। संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने स्नातक स्तरीय परीक्षा की सीबीआई जांच कराने और परीक्षा को निरस्त कर दोबारा आयोजित करने की मांग उठाई।
युवाओं ने उस महिला पर दर्ज जबरन मुकदमे को वापस लेने, साथ ही भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग रखी। लेकिन, वार्ता में कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
“मांग पूरी होने तक सड़क पर रहेंगे”
बॉबी पंवार ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक बेरोजगार युवा सड़क पर धरना जारी रखेंगे। उनका कहना है कि पेपर लीक से हजारों युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है और सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार का रुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार इस मामले में पूरी सख्ती बरतेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बेरोजगार अभ्यर्थियों के हित सर्वोपरि हैं और पारदर्शी व निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।





