नई दिल्ली (14 मार्च, 2026): देश के मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा उलटफेर (U-Turn) होने जा रहा है। सर्दियों की विदाई के बाद इस साल बसंत ऋतु का अहसास गायब सा रहा और सीधे भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी। अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में जनता को लू (Heatwave), तेज आंधी और बेमौसम बारिश के ‘ट्रिपल अटैक’ का सामना करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित देश के 10 राज्यों में मौसम को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है।
भीषण लू (Heatwave) का कहर: इन राज्यों में बढ़ेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार, देश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में सूर्य के तेवर बेहद तल्ख रहने वाले हैं:
- भीषण उष्ण लहर की चेतावनी: मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), कोंकण, सौराष्ट्र और कच्छ में 13 मार्च से ही लू का प्रकोप शुरू हो गया है।
- झारखंड और ओडिशा में अलर्ट: ओडिशा में 13 और 14 मार्च को, जबकि झारखंड में 14 और 15 मार्च को भीषण लू चलने की संभावना है।
- तापमान में उछाल: कई जिलों में पारा सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ऊपर जा सकता है, जिससे दोपहर के समय घर से निकलना मुश्किल होगा। हालांकि, 15 मार्च के बाद इन क्षेत्रों में स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
आंधी-तूफान और बारिश: 70 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
लू के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी और बारिश का भी दोहरा संकट मंडरा रहा है:
- धूल भरी आंधी: उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और धूल भरी आंधी आने की संभावना है।
- बेमौसम बारिश: पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के कुछ मैदानी इलाकों और पहाड़ी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आएगी।
- बिजली गिरने का खतरा: मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है और किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।
बसंत का अहसास गायब, सीधे गर्मी ने दी दस्तक
इस साल जलवायु परिवर्तन का असर साफ देखा जा रहा है। आमतौर पर फरवरी और मार्च के बीच रहने वाला बसंत का सुहावना मौसम इस बार नदारद रहा।
- अचानक बढ़ी गर्मी: फरवरी खत्म होते ही लोगों को चुभती गर्मी का अहसास होने लगा, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
- स्वास्थ्य पर असर: मौसम के इस अचानक यू-टर्न (बारी-बारी से लू और फिर बारिश) के कारण वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने लोगों को हाइड्रेटेड रहने और सीधी धूप से बचने की सलाह दी है।





