प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) छात्रों के समग्र और बहुआयामी विकास में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं, जो भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहे हैं।
NEP लागू होने के पांच वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने एक विशेष संदेश में कहा कि यह नीति अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को उनकी रुचि, क्षमता और सपनों के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह माध्यम है, जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर और राष्ट्र को सशक्त बनाती है।
आज से अखिल भारतीय शिक्षा समागम की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS 2025) का आयोजन किया जा रहा है। इस समागम में शिक्षा को अधिक सुलभ, व्यावहारिक और कौशल-आधारित बनाने को लेकर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य शिक्षा को रोजगार से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।
प्रधान का उद्घाटन, वैश्विक मानकों पर जोर
इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। समागम में देशभर के शिक्षाविद, नीति-निर्माता और संस्थान भाग लेंगे और श्रेष्ठ शैक्षिक प्रथाओं और रणनीतियों को साझा करेंगे।
अमृत काल में विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ता भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत काल में भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान युवाओं की जिज्ञासा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ाने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भूमिका निर्णायक होगी।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह समागम न केवल NEP के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देगा, बल्कि सभी शैक्षिक संस्थानों को अपनी सर्वोत्तम उपलब्धियों और अनुभवों को साझा करने का मंच भी प्रदान करेगा।





