Saturday, February 7, 2026

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‘मैंने कोई गलती नहीं की’: ओबामा परिवार पर अपमानजनक टिप्पणी के बाद भी ट्रंप के तेवर कड़े; पोस्ट को बताया ‘अभिव्यक्ति की आजादी’

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों के केंद्र में हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके परिवार को ‘बंदर’ (Monkey) के संदर्भ में दिखाने वाली एक विवादित पोस्ट को लेकर जब ट्रंप से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने माफी मांगने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “मैंने कोई गलती नहीं की है” और वे अपने रुख पर कायम हैं। इस बयान के बाद अमेरिका में नस्लवाद (Racism) को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक ग्राफिक साझा किया, जिसमें ओबामा परिवार की तुलना कथित तौर पर अपमानजनक चित्रण से की गई थी:

  • नस्लभेदी टिप्पणी का आरोप: मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज ने इस पोस्ट को ‘घोर नस्लवादी’ करार देते हुए कहा कि यह अश्वेत समुदाय के प्रति नफरत फैलाने जैसा है।
  • ट्रंप की सफाई: विवाद बढ़ने पर ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पोस्ट का उद्देश्य केवल ‘राजनीतिक व्यंग्य’ था और इसे नस्लवाद से जोड़कर देखना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि वे केवल ओबामा प्रशासन की नीतियों की आलोचना कर रहे थे।

डेमोक्रेटिक पार्टी और ओबामा समर्थकों का पलटवार

ओबामा परिवार के करीबियों और डेमोक्रेटिक नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की है:

  1. गरिमा पर प्रहार: विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक पूर्व राष्ट्रपति और उनके परिवार के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अमेरिकी लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है।
  2. विभाजनकारी राजनीति: आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं ताकि देश में ध्रुवीकरण हो और उनके कट्टर समर्थक एकजुट रहें।
  3. व्हाइट हाउस की चुप्पी: फिलहाल इस मामले पर बराक ओबामा या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर ‘हैशटैग ओबामा’ ट्रेंड कर रहा है।

ट्रंप का ‘डिफेंस’: अभिव्यक्ति की आजादी का तर्क

ट्रंप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके खिलाफ चलाया जा रहा अभियान केवल उन्हें बदनाम करने की एक साजिश है।

  • ‘पॉलिटिकल करेक्टनेस’ को नकारा: ट्रंप ने कहा कि वे उन लोगों में से नहीं हैं जो ‘पॉलिटिकल करेक्टनेस’ के दबाव में आकर अपनी बात वापस ले लें।
  • सीधा हमला: उन्होंने यह भी कहा कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी है और वे जो सच समझते हैं, उसे कहने से पीछे नहीं हटेंगे।

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