वॉशिंगटन/फ्लोरिडा: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुख्यात दिवंगत वित्तपोषक जेफ्री एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सफाई दी है। हाल ही में एपस्टीन से जुड़े अदालती दस्तावेजों (एपस्टीन फाइल्स) के सार्वजनिक होने के बाद मचे राजनीतिक बवाल के बीच ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि यद्यपि वे एपस्टीन को जानते थे, लेकिन वे कभी भी उनके निजी द्वीप या उन विवादास्पद गतिविधियों का हिस्सा नहीं रहे जो फाइल्स में दर्ज हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को अपने चुनावी अभियान को बाधित करने के लिए विरोधियों की एक “साजिश” करार दिया है।
ट्रंप का पक्ष: “मैं कभी उसके द्वीप पर नहीं गया”
एक हालिया साक्षात्कार और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ट्रंप ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए कई दलीलें पेश की हैं:
- दूरी का दावा: ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सालों पहले ही एपस्टीन से संबंध तोड़ लिए थे क्योंकि वे उनके जीवन जीने के तरीके को पसंद नहीं करते थे।
- फाइल्स पर स्पष्टीकरण: उन्होंने तर्क दिया कि दस्तावेजों में उनका नाम केवल इसलिए है क्योंकि वे एक सार्वजनिक हस्ती रहे हैं और न्यूयॉर्क के सामाजिक दायरे में एपस्टीन से उनकी मुलाकातें हुई थीं।
- पारदर्शिता का वादा: ट्रंप ने कहा कि वे उन सभी फाइल्स को पूरी तरह सार्वजनिक किए जाने के पक्ष में हैं ताकि लोगों को सच्चाई पता चल सके और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाए।
क्या है ‘एपस्टीन फाइल्स’ का विवाद?
जेफ्री एपस्टीन पर नाबालिगों की तस्करी और यौन शोषण के गंभीर आरोप थे, जिसकी 2019 में जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी:
- हाई-प्रोफाइल नाम: फाइल्स में दुनिया के कई ताकतवर राजनेताओं, उद्योगपतियों और हस्तियों के नाम शामिल हैं, जिनके एपस्टीन के साथ संबंध होने का दावा किया गया है।
- लिटिल सेंट जेम्स द्वीप: एपस्टीन का यह निजी द्वीप इस पूरे विवाद का केंद्र है, जहाँ कथित तौर पर अनैतिक गतिविधियां होती थीं। ट्रंप ने बार-बार स्पष्ट किया है कि वे कभी इस द्वीप पर नहीं गए।
- सार्वजनिक मांग: अमेरिकी जनता और कानूनविद लंबे समय से उन सभी नामों के खुलासे की मांग कर रहे हैं जिन्होंने एपस्टीन की निजी उड़ानों का उपयोग किया था।
राजनीतिक घमासान: चुनाव पर असर?
चूंकि अमेरिका में चुनावी माहौल है, इसलिए इन दस्तावेजों का सार्वजनिक होना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
- डेमोक्रेट्स पर पलटवार: ट्रंप ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके बजाय अन्य बड़े डेमोक्रेटिक नेताओं के नाम फाइल्स में अधिक चिंताजनक तरीके से दर्ज हैं, जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नजरअंदाज कर रही है।
- समर्थकों का रुख: ट्रंप के समर्थकों का मानना है कि यह ‘डीप स्टेट’ द्वारा उन्हें बदनाम करने की एक और कोशिश है, जबकि आलोचक उनके पुराने बयानों को आधार बनाकर उनकी नैतिकता पर सवाल उठा रहे हैं।





