नई दिल्ली/वड़ोदरा: भारत की रक्षा और नागरिक विमानन शक्ति को एक नई उड़ान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश की पहली निजी क्षेत्र की ‘हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन’ (FAL) का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक साझेदारी के तहत, एयरबस (Airbus) और टाटा (Tata) मिलकर भारत में ‘H125’ हेलीकॉप्टर का निर्माण करेंगे। यह वही शक्तिशाली सिंगल-इंजन हेलीकॉप्टर है, जिसने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर लैंड करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस कदम से भारत न केवल हेलीकॉप्टर निर्माण का वैश्विक केंद्र बनेगा, बल्कि पड़ोसी देशों को निर्यात करने की दिशा में भी एक बड़ी छलांग लगाएगा।
H125 हेलीकॉप्टर: क्यों है यह दुनिया के लिए खास?
माउंट एवरेस्ट पर उतरने की क्षमता रखने वाला यह हेलीकॉप्टर अपनी श्रेणी में सबसे आधुनिक माना जाता है:
- अत्यधिक ऊँचाई पर सक्षम: यह हेलीकॉप्टर ‘हॉट एंड हाई’ (अत्यधिक तापमान और अधिक ऊँचाई) परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन करता है, जो इसे भारत के हिमालयी क्षेत्रों के लिए आदर्श बनाता है।
- बहुमुखी उपयोग: इसका उपयोग यात्री परिवहन, आपदा राहत, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं (HEMS), पर्यटन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जा सकता है।
- विश्व रिकॉर्ड: H125 एकमात्र ऐसा हेलीकॉप्टर है जिसने 29,030 फीट की ऊँचाई पर माउंट एवरेस्ट के शिखर पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेक-ऑफ किया है।
टाटा-एयरबस की जुगलबंदी: भारत बनेगा ग्लोबल हब
इस असेंबली लाइन का उद्घाटन भारत के रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है:
- निजी क्षेत्र की पहली इकाई: यह भारत में अपनी तरह की पहली फैक्ट्री है जहाँ निजी कंपनियां मिलकर पूर्ण हेलीकॉप्टर का निर्माण और परीक्षण करेंगी।
- रोजगार और कौशल विकास: इस परियोजना से देश में हजारों कुशल रोजगार पैदा होंगे और विमानन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भारतीय युवाओं को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।
- स्वदेशीकरण (Indigenization): असेंबली लाइन के माध्यम से भारत में हेलीकॉप्टरों के कलपुर्जों का निर्माण धीरे-धीरे स्वदेशी स्तर पर शुरू होगा, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को बल मिलेगा।
मोदी-मैक्रों की कूटनीतिक दोस्ती का नया अध्याय
उद्घाटन समारोह के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया:
- पीएम मोदी का विजन: प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब दुनिया भर के नागरिक और सैन्य अभियानों के लिए भारत में बने हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का बेहतरीन उदाहरण बताया।
- राष्ट्रपति मैक्रों का भरोसा: मैक्रों ने भारत को फ्रांस का सबसे भरोसेमंद साझेदार बताते हुए कहा कि यह फैक्ट्री दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग की असीमित संभावनाओं का प्रमाण है।





