देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन पर जताई गई कड़ी नाराजगी के बाद प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शासन से मिले सख्त निर्देशों के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश भर में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ 24 घंटे का विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सड़कों पर क्षमता से अधिक भार लेकर दौड़ने वाले वाहनों को न केवल जब्त किया जाएगा, बल्कि उनके मालिकों और चालकों के खिलाफ भी कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सीएम की सख्ती: जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री धामी ने हालिया समीक्षा बैठकों में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों पर चिंता व्यक्त की थी:
- हादसों पर लगाम: मुख्यमंत्री ने कहा कि ओवरलोडिंग न केवल सड़क को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि यह भीषण दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण भी है।
- जवाबदेही तय: सीएम ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी क्षेत्र में ओवरलोडिंग के कारण बड़ा हादसा होता है, तो वहां के संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
- भ्रष्टाचार पर वार: चेकपोस्टों पर ढिलाई बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और परिवहन विभाग की रणनीति: कैसे चलेगा अभियान?
अधिकारियों ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है:
- डे-नाइट चेकिंग: हाईवे से लेकर ग्रामीण सड़कों तक पुलिस की टीमें तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगी, ताकि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर निकलने वाले ओवरलोड वाहनों को पकड़ा जा सके।
- लाइसेंस होंगे निरस्त: पकड़े जाने पर केवल चालान ही नहीं किया जाएगा, बल्कि ओवरलोडिंग के मामलों में वाहन का परमिट और चालक का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की सिफारिश की जाएगी।
- सीसीटीवी और तकनीक का उपयोग: इंटर-स्टेट बॉर्डर और संवेदनशील मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए वाहनों की निगरानी की जा रही है। संदिग्ध पाए जाने पर वाहनों को धर्मकांटा (Weighbridge) पर ले जाकर वजन कराया जाएगा।
पहाड़ी और मैदानी मार्गों पर विशेष नजर
- पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौती: चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में कम चौड़ी सड़कों पर ओवरलोडिंग सबसे घातक साबित होती है। यहाँ पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
- खनन और निर्माण सामग्री: मैदानी इलाकों (जैसे ऋषिकेश, हल्द्वानी और हरिद्वार) में निर्माण सामग्री और खनन लेकर जा रहे डंपरों की सघन जांच शुरू कर दी गई है।





